उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट बनाने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति की अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई ने कहा कि राष्ट्रीय विधि आयोग यूसीसी के मुद्दे पर काम करने पर विचार कर रहा है। आयोग ने समिति से अब तक किए कार्य के बारे में जानकारी ली है।
यह बात उन्होंने नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में शुक्रवार को आयोग अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेनि) ऋतुराज अवस्थी व सदस्य केटी शंकरन, आनंद पालीवाल व डीपी वर्मा से मुलाकात के बाद कही। मीडिया से बातचीत में कहा कि यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी, क्योंकि हम इस पर (समान नागरिक संहिता) काम कर रहे हैं और वे भी शायद विचार कर रहे हैं।
वे पूछ रहे थे कि हमने क्या कुछ किया। जस्टिस देसाई के मुताबिक, उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता के संबंध में अभी तक हुए कार्य की सामान्य जानकारी आयोग अध्यक्ष के साथ साझा की गई। यूसीसी पर अभी तक बेसिक कंसल्टेशन के साथ काफी काम हो चुका है। राज्य में सभी हितधारकों से चर्चा हो चुकी है।
यूसीसी की उप समितियों ने कई धर्मों, समुदायों, हितधारकों और वर्गों से इस बाबत व्यापक विचार विमर्श हो चुका है। सभी राजनीतिक दलों संग भी बैठक कर ली गई। उनके सुझाव प्राप्त हो चुके हैं।
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अन्य राज्य भी अनुशरण करेंगे तो अच्छा रहेगा
कहा, अपेक्षा है कि यूसीसी पर बनाया गया हमारा ड्राफ्ट सभी को पसंद आए। यूसीसी पर अभी बैठकें जारी हैं। इस दिशा में हमें सभी समुदायों का सहयोग मिल रहा है। यह पूछे जाने पर कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता समिति द्वारा तैयार होने वाले मसौदे का राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरण किया जा सकता है, कहा, यदि अन्य राज्य भी इसका अनुशरण करेंगे तो अच्छा रहेगा।
पब्लिक डोमेन में आएगा या नहीं सरकार के विवेक पर
यूसीसी की विशेषज्ञ समिति के सदस्य शत्रुघ्न सिंह ने कहा, 30 जून तक ड्राफ्ट तैयार करने की पूरी कोशिश है। ड्राफ्ट से पूर्व रायशुमारी का काम पूरा हो गया है। ड्राफ्ट को आपत्ति व सुझाव के लिए सार्वजनिक किया जाएगा या नहीं, यह सरकार के विवेक पर होगा। पूरा होने पर समिति अपना ड्राफ्ट सरकार को सौंप देगी।