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मांगों का समाधान न होने पर बेरोजगार आयुर्वेदिक डिप्लोमा संघ ने आंदोलन की चेतावनी

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माई सिटी रिपोर्टर देहरादून। उत्तराखंड बेरोजगार आयुर्वेदिक डिप्लोमा संघ ने विभिन्न समस्याओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए मांग पत्र भेजा है। साथ ही समस्याओं का समाधान न होने पर संघ ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है। संघ का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल में जहां सरकार द्वारा आनलाइन प्रशिक्षण के आदेश दिए गए हैं , वहीं आयुर्वेदिक चिकित्सा विभाग ने गत 26 जून को इसकी सुध ली। कोर्स पूरा नहीं हुआ है। न आनलाइन प्रशिक्षण समय से हुआ है। इससे छात्रों का भविष्य दांव पर है। आयुर्वेदिक डिप्लोमा संघ पंचकर्म का कोर्स 2013 में शुरू हुआ। तब से अब तक 76 युवाओं को ही रोजगार मिला है। जबकि हजारों की संख्या में प्रशिक्षित बेरोजगार हैं। 24 वर्ष की उम्र में जिस ने 2013 में डिप्लोमा किया। आज वह 30 वर्ष का हो गया। यानि नौकरी की उम्र सीमा पार कर चुका है। पिछले करीब आठ साल में सिर्फ इसके लिए घोषणाएं ही हो रही हैं। बेरोजगार संघ द्वारा सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित कराने के लिए कई रैली धरनों का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री के अलावा प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा। जिस पर प्रधानमंत्री कार्यालय से कार्रवाई के आदेश भी मिले, फिर भी उत्तराखंड सरकार की नींद नहीं खुली। बेरोजगार संघ कई वर्षों से प्रत्येक आयुर्वेदिक चिकित्सा में पंचकर्म यूनिट स्थापित करने की मांग कर रहा है। इस पर भी सरकार ध्यान नहीं दे रही है। पंचकर्म चिकित्सा मानक कहता है कि प्रत्येक आयुर्वेदिक चिकित्सा में चार-चार के मानक में महिला व पुरुष चिकित्सक होंगे। इसका भी पालन न होने से जनता को भी इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। बेरोजगार संघ ने चेतावनी दी कि अगर अब भी उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह उग्र आंदोलन करेंगे। पत्र लिखने वालों में बेरोजगार आयुर्वेदिक डिप्लोमा संघ के अध्यक्ष बिमल सिंह जयाडा, उपाध्यक्ष पवन राणा, सचिव देवेंदर कुमार, कोषायक्ष सूनेना शुक्ला आदि शामिल रहे।
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