माय सिटी रिपोर्टर देहरादून सहसपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत ठाकुरपुर ईस्ट हॉपटाउन में सिंचाई विभाग के तालाब में लाखों मछलियों की मौत के मामले में मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर कर्मचारियों की टीम सोमवार को ठाकुरपुर ईस्ट हॉपटाउन गांव पहुंची और तालाब से पानी के नमूने लिए। इतना मछलियों की मौत की वजह से संक्रामक रोग ना फैलने पाए इसके लिए तालाब में दवाइयों का छिड़काव भी किया गया। हालांकि मत्स्य पालन विभाग के सहायक निदेशक विनोद कुमार यादव का कहना है कि प्रथम दृष्टया की गई जांच पड़ताल में पता चला है कि मछलियों की मौत जल की खराब गुणवत्ता के चलते हुई है। बता दें कि ठाकुरपुर ईस्ट हॉपटाउन गांव में सिंचाई विभाग की ओर से बनाए गए तालाब में अचानक बड़ी संख्या में मछलियां मरी पाई गई। मछलियों की मौत को लेकर ग्रामीण तरह-तरह के कयास लगा रहे थे। जहां कुछ ग्रामीणों का कहना है कि मछलियों की मौत पानी तालाब के गंदे पानी की वजह से हुई, वही कई ग्रामीणों का कहना है कि मछलियों की मौत तालाब में जहर डालने की चलती हुई। बहरहाल इन तमाम चर्चाओं के बीच मत्स्यपालन विभाग की टीम सोमवार को ठाकुरपुर ईस्ट हॉपटाउन गांव पहुंची और जिस ताला में मछलियों की मौत की घटना हुई है उस तालाब के पानी के नमूने लिए। मत्स्य पालन विभाग के सहायक निदेशक विनोद कुमार यादव का कहना है कि तालाब के जल के नमूने लिए गए हैं। जिसकी जांच पड़ताल की जाएगी हालांकि साथ ही उनका यह भी कहना है कि प्रथम दृष्टया की गई जांच में पता चलता है कि मछलियों की मौत पानी की खराब गुणवत्ता के चलते हुए। बकौल सहायक निदेशक विनोद कुमार यादव तालाब का पानी काफी गंदा हो चुका है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने की वजह से मछलियों की मौत हो गई। सहायक निदेशक यादव के मुताबिक मछलियों को बेहद साफ सुथरे पानी में ही ऑक्सीजन की ठीकठाक मात्रा मिलती है। यदि पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बेहद कम हो जाए तो यह मछलियों के लिए जानलेवा साबित होता है। ऐसा ही कुछ ठाकुरपुर ईस्ट हॉपटाउन गांव में तालाब में मछलियों की मौत के मामले में भी हुआ है।