अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार 21 सितंबर 2025 को आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा में मोहम्मद खालिद भी अभ्यर्थी था। खालिद का परीक्षा केंद्र बहादुरपुर जट स्थित आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज था, जहां 432 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। रिकॉर्ड के मुताबिक परीक्षा के दौरान खालिद ने प्रश्नपत्र के तीन पन्नों की फोटो खींची और उन्हें व्हाट्सएप के जरिये सुमन के मोबाइल नंबर पर भेजा। सुमन ने करीब 11:35 बजे उनमें से कुछ प्रश्नों के उत्तर खालिद के नंबर पर भेजे। इसके बाद सुमन ने खालिद को फोन किया, जिसे उसकी बहन साबिया ने उठाया। बातचीत में परीक्षा को लेकर सवाल-जवाब भी हुए।
अदालत ने कहा कि बातचीत और उपलब्ध दस्तावेजों से यह संभावना सामने आती है कि सुमन को खालिद के परीक्षा में बैठने की जानकारी नहीं थी, लेकिन परीक्षा की तारीख की सुबह उसे मिले संदेशों से यह स्पष्ट था कि उस दिन कोई प्रतियोगी परीक्षा हो रही थी। उसके मोबाइल पर भेजे गए प्रश्नपत्र के पन्नों से भी यह स्पष्ट था कि वे वास्तविक परीक्षा के प्रश्नपत्र थे और उन पर क्यूआर कोड अंकित था। सीबीआई की जांच के बाद मोहम्मद खालिद, साबिया और सुमन के खिलाफ उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अधिनियम के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया है। अदालत ने माना कि आरोप तय करने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं।