उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा के टॉयलेट पेपर पर लिखे हुए 63 सवालों के जवाब परीक्षा से छह घंटे पहले ही वायरल हो गए थे। व्हाट्सएप का ऐसा ही स्क्रीनशॉट आयोग के पास पहुंचा था, जिसका मिलान करने पर अधिकारियों केे होश उड़ गए थे। उन्होंने तत्काल यह स्क्रीनशॉट पुलिस को उपलब्ध कराया था, जिसकी जांच चल रही है।
चार दिसंबर और पांच दिसंबर को आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा हुई। चार दिसंबर को सुबह दस बजे से पहली पाली की परीक्षा होनी थी। इसी दिन सुबह तीन बजकर 58 मिनट का जवाब लिखे टॉयलेट पेपर का स्क्रीनशॉट परीक्षा के कुछ दिनों बाद आयोग के पास पहुंचा। आयोग के अध्यक्ष एस राजू ने इसका संज्ञान लिया और इस पर लिखे गए 63 सवालों के जवाब का मिलान किया। सभी जवाब बिल्कुल सही थे।
यह देखकर आयोग के अधिकारी भी हतप्रभ रह गए। आयोग के निवर्तमान अध्यक्ष एस राजू का कहना है कि टॉयलेट पेपर के तीन स्क्रीनशॉट उन्होंने पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह सॉल्यूशन वास्तव में सुबह तीन बजकर 58 मिनट का है तो पेपर के बड़े स्तर पर लीक होने की भी आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
रिजल्ट के ट्रेंड से पकड़ में आए 82 संदिग्ध उम्मीदवार
आयोग को अप्रैल में शिकायतें मिलने के बाद इसकी गहराई से पड़ताल की गई। पुरानी परीक्षाओं के रिजल्ट से कुछ उम्मीदवारों के अंकों के ट्रेंड का मिलान किया गया तो कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। आयोग ने पेपर लीक के 82 संदिग्ध उम्मीदवारों को चिह्नित करने के बाद उनकी जानकारी पुलिस की साइबर सेल को उपलब्ध कराई थी।