पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने एक और गिरफ्तारी की है। इसका नाम अमित सक्सेना बताया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सक्सेना एक बैंक में काम करता है। वह उत्तर प्रदेश के नकल माफिया केंद्रपाल और अन्य लोगों से जुड़ा हुआ था। उसने धामपुर स्थित ललित शर्मा के फ्लैट पर अभ्यर्थियों को पेपर मुहैया कराए थे। हालांकि, इस मामले में एसटीएफ और पुलिस मुख्यालय ने अधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
वहीं, यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में गैंगस्टर की कार्रवाई होने के बाद अब आरोपियों की संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। इनमें से चंदन मनराल और हाकम सिंह रावत की संपत्तियों का ब्योरा जुटाने के लिए दो टीमों को रामनगर और सांकरी रवाना किया गया है। वहां के रजिस्ट्रार कार्यालयों में संपत्ति के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।
Uksssc Paper Leak Case: आयोग के छह कर्मचारियों और कंपनी के खिलाफ विजिलेंस जांच की सिफारिश
इससे पहले एसटीएफ ईडी को भी आरोपियों की संपत्तियों की जानकारी भेज चुका है। पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने मास्टर माइंड सैयद सादिक मूसा समेत 21 लोगों के खिलाफ रायपुर थाने में गैंगस्टर में मुकदमा दर्ज कराया था। गैंगस्टर एक्ट में जिला प्रशासन की सिफारिश पर ही संपत्ति को जब्त किया जा सकता है। ऐसे में अब एसटीएफ आरोपियों की संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। रामनगर का चंदन सिंह मनराल अब तक के सबसे बड़े मालदार लोगों में गिना जा रहा है। उसकी ट्रांसपोर्ट कंपनी, स्टोन क्रशर और अन्य धंधे हैं।
इसके अलावा भी उसकी बड़ी संपत्ति होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इसके लिए एसटीएफ की एक टीम रामनगर भेजी गई है। वहां पर सब रजिस्ट्रार कार्यालय में जांच की जा रही है। इसके अलावा उत्तरकाशी निवासी पूर्व भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत की भी करोड़ों की संपत्ति बताई जा रही है। उसका सांकरी में अलीशान रिजॉर्ट भी है, लेकिन अन्य संपत्तियां भी उसने जोड़ी हुई हैं। इनकी जानकारी उत्तरकाशी, मोरी और सांकरी में पड़ताल की जा रही है। जल्द ही दोनों टीमों के लौट आने के बाद इस मामले में बड़ा खुलासा किया जा सकता है।
मास्टरमाइंड सैयद सादिक मूसा आरएमएस कंपनी के मालिक राजेश चौहान का पुराना दोस्त है। उसने लखनऊ, गाजीपुर और सीतापुर में बहुत सी संपत्तियां जोड़ रखी हैं। मामले में एसटीएफ को उसकी कृषि भूमि और कुछ चल संपत्तियों के बारे में पता चला है। इसके लिए भी टीमें गाजीपुर और लखनऊ के रजिस्ट्रार ऑफिस में पड़ताल कर रही हैं। बताया जा रहा कि मूसा अपने एक अन्य साथी योगेश्वर राव के साथ नेपाल भाग गया है।