वित्तीय अनियमितता भी कंपनी को काम देने में आई सामने
आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन कंपनी को परीक्षा आयोजन का काम देने में वित्तीय अनियमितता भी सामने आ रही है। कंपनी को ठेका 22 करोड़ रुपये में दिया गया था। विजिलेंस जांच में इस बात के साक्ष्य मिले हैं कि कुछ अधिकारियों ने अपने मन से कीमत तय कर कंपनी को लाभ पहुंचाया है।
इस संबंध में विजिलेंस ने आयोग से कुछ दस्तावेज मांगे हैं। जल्द ही विजिलेंस मुकदमा दर्ज कर सकती है। यदि ऐसा हुआ तो पूर्व सचिव समेत अन्य अधिकारियों की मुश्किलें और भी बढ़ जाएंगी। स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में धांधली की जांच में तमाम खुलासे हुए। आयोग के अफसरों पर सीधे तौर पर पैसे लेने की बात सामने नहीं आई, लेकिन भूमिका को संदिग्ध माना गया, जिस पर पूर्व सचिव, पूर्व परीक्षा नियंत्रक समेत पांच अफसरों और कंपनी के खिलाफ शासन ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए थे।
विजिलेंस ने पिछले दिनों जांच शुरू की तो कई तथ्य सामने आए हैं। विजिलेंस सूत्रों के मुताबिक, कंपनी को काम देने के लिए वित्तीय अनियमितता भी हुई है। इसके लिए आयोग से दस्तावेज मांगे गए हैं, लेकिन अभी तक आयोग की ओर से दस्तावेज मुहैया नहीं कराए गए हैं। इसके लिए उन्होंने शासन से अनुमति लेने की बात कही है। इसके बाद ही जांच में और भी बात सामने आ सकती हैं। कंपनी को 22 करोड़ रुपये में परीक्षा कराने का ठेका दिया गया था। इसके लिए बहुत से नियमों को दरकिनार किया गया है। विजिलेंस के अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में जल्द ही मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।