परीक्षा एक दिसंबर 2017 को रद्द हो गई थी
आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष आरबीएस रावत ने इस्तीफा दे दिया था। बाद में परीक्षा एक दिसंबर 2017 को रद्द हो गई थी। आयोग ने 25 फरवरी 2018 को दोबारा परीक्षा कराई थी। 2016 की परीक्षा में हुई गड़बड़ी का पर्दाफाश पिछले साल हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक के बाद हुआ। एक बार फिर जांच हुई और आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष आरबीएस रावत, सचिव व परीक्षा नियंत्रक को जेल जाना पड़ा।
अब गड़बड़ी करने वाले 35 अभ्यर्थियों पर आयोग ने शिकंजा कसा है। आयोग की वेबसाइट पर उनके नाम सार्वजनिक कर नोटिस जारी किया गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।