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UKSSSC: ड्राइवर भर्ती रिजल्ट, एक्सप्लोर ज्ञान और UKUL अभ्यर्थी पास, अनोखे नामों पर उठा विवाद, आयोग ने दी सफाई

Sat, 20 Jun 2026 07:40 PM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

वाहन चालक भर्ती में एक्सप्लोर ज्ञान, यूकेयूएल नाम के अभ्यर्थी पास हुए हैं।  रिजल्ट को लेकर अब विवाद उठ रहा है। आयोग का कहना है कि जो नाम अभ्यर्थियों ने फॉर्म में भरा उसी नाम से जारी रिजल्ट हुआ है।

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परीक्षा परिणाम जारी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का वाहन चालक भर्ती परीक्षा परिणाम चर्चाओं में है। इसमें पास होने वाले अभ्यर्थियों में एक्सप्लोन ज्ञान व यूकेयूएल नाम के भी अभ्यर्थी शामिल हैं। सोशल मीडिया में इससे आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं जबकि आयोग का कहना है कि अभ्यर्थियों ने जो नाम अपने आवेदन पत्र में दिया है, उसी के हिसाब से रिजल्ट जारी हुआ है। अगली प्रक्रिया में इस नाम के दस्तावेज न दिए तो भर्ती से बाहर हो जाएंगे।

आयोग ने वाहन चालक के 75 पदों के लिए 10 अप्रैल को विज्ञापन जारी करते हुए 31 मई को परीक्षा कराई थी। इसकी उत्तर कुंजी जारी कर आपत्तियां व सुझाव लिए गए। इसके बाद शुक्रवार को इसका रिजल्ट जारी कर दिया था। इस रिजल्ट में 144वें स्थान पर EXPLORE GYAN(पिता का नाम-हरीश चंद्र पांडेय) और 234वें स्थान पर UKUL(पिता का नाम- गोपाल सिंह भैंसोड़ा) दर्ज है। सोशल मीडिया में इसे लेकर चर्चाओं का माहौल गर्म है। कुछ अभ्यर्थी इससे सीधे रिजल्ट पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।

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परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शी

मामले में आयोग के अनुसचिव सुभाष चंद्र घिल्डियाल की ओर से एक संवाद जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि भर्ती की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में अपनी पूरी जानकारी अभ्यर्थी खुद भरते हैं। इन सभी सूचनाओं के लिए वे ही जिम्मेदार भी होते हैं।

वाहन चालक भर्ती की चयन प्रक्रिया के अगले चरणों में वाहन चालन दक्षता परीक्षा और अभिलेख सत्यापन होगा। इसमें अभ्यर्थी की आवेदन पत्र में दी गई जानकारी का मिलान उसके प्रमाणपत्रों से किया जाएगा। अगर दोनों जानकारियों में कोई भिन्नता मिलेगी तो अभ्यर्थी की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना को भ्रामक मानते हुए आयोग उसका आवेदन निरस्त कर देगा। साथ ही आगामी परीक्षाओं के लिए उस पर रोक भी लगाई जा सकती है।

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आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया का कहना है कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शी हुई है। आवेदन पत्र में दिए गए नाम का मिलान अब अगले चरण में नहीं हुआ तो अभ्यर्थी बाहर होंगे। इन नामों के लिए आयोग कहीं से भी उत्तरदायी नहीं है।

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