उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने आठ भर्तियों की जांच को विशेषज्ञ समिति का गठन कर दिया है। यह समिति सभी भर्तियों के हर पहलू को परखने के बाद आयोग को रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर ही इन भर्तियों का भविष्य तय होगा।
दरअसल, पेपर लीक विवादों से घिरे अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की आठ भर्तियां गले की फांस बनी हुई हैं। इनमें से चार भर्तियां तो ऐसी हैं, जिनकी चयन सिफारिश आगे भेजी जानी है। आयोग के नए अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया की अगुवाई में मंगलवार को आयोग की बोर्ड बैठक हुई।
इसमें आठ भर्तियों पर गंभीरता से विचार किया गया। तय किया गया कि ऐसी सभी भर्तियां जिनमें विभागों को चयन की सिफारिश भेजी जानी है, उनमें कई विधिक या प्रशासनिक अड़चनें आ सकती हैं। लिहाजा, आयोग ने उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।
समिति में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एक विधि विशेषज्ञ और एक आईटी विशेषज्ञ शामिल रहेंगे। सदस्यों का चयन आयोग के अध्यक्ष करेंगे। यह समिति जल्द अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर परीक्षाएं रद्द करने या उन्हें आगे बढ़ाने पर आयोग निर्णय लेगा। बैठक में आयोग के सदस्य विनोद चंद्र रावत, डॉ. प्रकाश चंद्र थपलियाल और सचिव एसएस रावत मौजूद रहे।