उन्होंने कपड़े बदलकर फोटो खिंचवाई रोजाना और बताया कि रोजाना 2-3 घंटे पढ़ाई कर उन्होंने यह मुकाम पाया। उनका सपना है कि वह आगे चलकर डॉक्टर बनना है। जोनिश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों, माता-पिता और भाइयों का दिया।
उसके पिता राजेश कुमार बेटे की उपलब्धि पर भावुक हो उठे और गर्व से कहा कि उनका बेटा एक दिन गांव का नाम जरूर रोशन करेगा। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने और माता-पिता के अशिक्षित होने के बावजूद उसके दो बड़े भाई भी बीकॉम और बीबीए की पढ़ाई कर रहे हैं। कॉलेज के प्रबंधक धर्मेंद्र सिंह चौहान ने जोनिश के उज्जवल भविष्य की कामना की है।