आयोग के अध्यक्ष डीपी गैरोला और सदस्य तकनीकी एमके जैन की पीठ ने मामले की सुनवाई की। प्लांट से उत्पादित होने वाली बिजली खरीद के लिए यूजेवीएनएल को यूपीसीएल के साथ पीपीपी करना है। पीपीपी के प्रस्ताव पर दोनों निगमों के पक्ष जानने के बाद आयोग ने संशोधन के निर्देश दिए।
जल विद्युत उत्पादन के साथ अब प्रदेश में सौर ऊर्जा की दिशा में यूजेवीएनएल कदम बढ़ाने जा रहा है। इसके लिए तीन हाइड्रो पावर प्लांट की कैनाल के किनारे 17 मेगावाट के तीन सौर ऊर्जा प्लांट लगाए जाएंगे। इसके पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीपी) के लिए नियामक आयोग ने प्रस्ताव लौटा दिया है।
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आयोग की नई नियमावली आने के बाद संशोधित प्रस्ताव लाना होगा। आयोग के अध्यक्ष डीपी गैरोला और सदस्य तकनीकी एमके जैन की पीठ ने मामले की सुनवाई की। इसमें बताया गया है कि यूजेवीएनएल ढालीपुर हाइड्रो पावर प्लांट की कैनाल की भूमि पर 6.25 मेगावाट, कुल्हाल हाइड्रो पावर प्लांट की भूमि पर 9.50 मेगावाट और पशुलोक बैराज, ऋषिकेश में जमीन पर 1.25 मेगावाट का सोलर प्लांट लगाने जा रहा है।
इस प्लांट से उत्पादित होने वाली बिजली खरीद के लिए यूजेवीएनएल को यूपीसीएल के साथ पीपीपी करना है। पीपीपी के प्रस्ताव पर दोनों निगमों के पक्ष जानने के बाद आयोग ने संशोधन के निर्देश दिए। इसके बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।