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धुएं में खटती महिलाओं की जिंदगी पर मोदी सरकार का मरहम

Tue, 27 Jun 2017 10:31 AM IST
गौरव मिश्रा/ अमर उजाला, देहरादून
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Ujjwala scheme
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खाना पकाते समय धुएं में खटती महिलाओं की जिंदगी पर केंद्र की उज्जवला योजना मरहम काफी हद तक राहत भरा साबित हो रहा है। इस योजना ने खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को काफी सहूलियत मिल रही है।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में योजना का लाभ लेने वाले 90 फीसदी लाभार्थियों के किचन कल्चर में बदलाव आया है। केंद्र सरकार की उज्जवला योजना के तहत प्रदेश में अब तक एक लाख बीस हजार परिवारों को उज्जवला योजना का लाभ मिल चुका है।

उज्जवला योजना का लाभ कितना और कितने लोगों तक पहुंचा है। अमर उजाला ने इसकी टोह ली तो कई आश्चर्यजनक तथ्य सामने आए। सरकार आंकड़े जहां योजना के लाभार्थियों के जीवन में 90 फीसदी बदलाव का दावा करता है वहीं वास्तविकता के आंकड़े अभी धुंधले हैं।
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कई क्षेत्रों में योजना को लेकर काफी उत्साह है वहीं कई क्षेत्रों में इसके क्रियान्वयन की दरकार है। अमर उजाला से माजरी माफी, क्यारा और हरीपुर ग्राम सभा के कुछ लाभार्थियों से बातजीत...

क्या कहती है महिलाएं, जानिए

Ujjwala scheme
ग्राम नवादा मिनी मसूरी की रहने वाली सरफराज की बीवी समला के चेहरे पर खुशी साफ थी। बोलीं कि धुएं की वजह से उनके फेफड़े और आंखें कमजार हो गई थीं। मजदूर पति की आमदनी से किसी तरह घर का खर्च चलता है। मजदूरी के आधे से अधिक रुपये लकड़ी चूल्हा में खर्च हो रहा था। ग्राम प्रधान सरला थापा की मदद से उज्जवला योजना का लाभ मिला। गैस-चूल्हा आने से स्वास्थ्य और आमदनी भी बेहतर हुई।

ग्राम नवादा निवासी रमेश वर्मा की झोपड़ी में पहले चूल्हे पर खाना पकता था, लेकिन उज्जवला योजना से हालात बदल गए हैं। इसी तरह अशोक कुमार पुत्र छेदालाल की रसोई में अब गैस पर ही खाना पकता है। कुटला नवादा निवासी सुनील कुमार पुत्र कुंवर दत्त को भी इस योजना में गैस कनेक्शन मिल गया है। 

लोगों ने बताया कि गांव में उज्जवला योजना से कई बीपीएल परिवारों को लाभ पहुंचा है। ग्राम डिस्टासी पट्टी डिडयास्यू तहसील नैनबाग जिला टिहरी गढ़वाल के दीपक कुमार दास व प्रभा देवी योजना के लाभ से संतुष्ट हैं। ग्राम प्रधान सूप सिंह का कहना है कि योजना से महिलाओं को काफर राहत मिली है। 
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...हर जगह उज्जवल नहीं है तस्वीर

Ujjwala scheme
माजरी माफी की प्रधान पिंकी शर्मा कहती हैं कि हमारे गांव के भी कई लोग इस योजना का लाभ पाने की पात्रता पूरी रखते हैं, लेकिन उन्हें इसका लाभ नहीं मिल सका है। पूर्व ग्राम प्रधान राजेश शर्मा बताते हैं कि गांव के किसी को भी योजना का फायदा नहीं मिला है।

इसी तरह क्यारा ग्राम में भी किसी को लाभ नहीं मिल पाया है। ग्राम प्रधान देवेंद्र पुजारा कहते हैं कि इस योजना किसी को लाभ नहीं मिला है। बीपीएल कार्डधारी कुंदन सिंह रावत कहते हैं कि कोशिशों के बावजूद उन्हें इस योजना का फायदा नहीं मिल पाया है। 

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के संयुक्त आयुक्त पीएस पांगती का कहना है कि केंद्र सरकार के स्तर पर भी सख्ती से मॉनिटरिंग जारी है। इसमें आईओसी, बीपीसीएल, एचपीसीएल कंपनियों ने भी समय सीमा तय कर काम किया है। हमारा फोकस बीपीएल परिवारों पर है। अभी तक जितने लोगों को गैस मिली है उनमें 90 फीसदी का फॉलोअप है। लोग योजना के तहत गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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