घटना की सूचना मिलते ही एएसपी देवेंद्र पींचा, सीओ सुरजीत कुमार, कोतवाल उमेश कुमार मलिक, एसएसआई योगेश कुमार समेत तमाम पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पूछताछ में आरोपी सूरज ने बताया कि उसने तीन-चार दिन पहले ही नानकमत्ता जाकर चाकू खरीदा था। इधर, विकास की हत्या की खबर सुनकर उसकी गर्भवती पत्नी आशा बेसुध हो गई। फतेहगंज पश्चिमी जिला बरेली निवासी आशा की छह वर्ष पहले ही विकास से शादी हुई थी।
गत वर्ष 29 जुलाई को पड़ोस में हुए विवाद में गंभीर रूप से घायल होने के बाद हत्यारोपी युवक के पिता की अगस्त में अस्पताल में मौत हो गई थी। पुलिस ने पहले इस मामले में मारपीट की धारा और मौत के बाद हत्या की धारा में केस दर्ज किया था। इस मामले में मृतक युवक के भाई और भाभी समेत सात लोग जेल में बंद हैं। हत्यारोपी मृतक युवक को भी अपने पिता की हत्या का दोषी मानता था। इसके चलते ही उसने वारदात को अंजाम दिया।
हत्यारोपी सूरज के पिता केदार की गत वर्ष अगस्त में मोहल्ले में हुए विवाद में मारपीट के बाद अस्पताल में मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने पहले मारपीट में और केदार की मौत के बाद हत्या का केस दर्ज किया था। मृतक विकास के सात परिजन केदार की हत्या के मामले में जेल में बंद हैं। हत्यारोपी सूरज ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए ही इस घटना को अंजाम दिया।
बताया जा रहा है कि 29 जुलाई 2019 को विकास कॉलोनी में पड़ोस में महिलाओं का मामूली विवाद हुआ था, जिसमें मारपीट के दौरान केदार के सिर में गंभीर चोट लगने से अगस्त में केदार की भोजीपुरा के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। इस मुकदमे में पुलिस ने मृतक विकास के बड़े भाई अरविंद, भाभी प्रीति, मां शशि के अलावा पप्पू, राकेश, अभिषेक, रंजीत और विशाल के खिलाफ केस दर्ज किया था।
इस मुकदमे में विकास की मां शशि को पुलिस ने जांच में दोषी नहीं पाया जबकि अन्य सभी सात लोग जेल में बंद हैं। चूंकि पैरवी करने वाला कोई नहीं था, इसलिए मृतक विकास के भाई और भाभी की अभी तक जमानत नहीं हो पाई है। मृतक विकास अपने भाई और भाभी के जेल जाने के बाद से अपने भतीजे मनीष का लालन पालन कर रहा था। मनीष की रविवार शाम से तबियत ठीक नहीं थी, इसीलिए सोमवार सुबह विकास उसे लेकर दवा दिलाने जा रहा था। इसी दौरान यह घटना हो गई।