आरोपियों ने कबूला कि उन्होंने कार 19 जनवरी को गंगनहर पटरी से लूटी थी। मौके पर छोड़ी गई बाइक क्षेत्र के शगुन वेडिंग प्वाइंट के बाहर से चोरी की थी। कार लूट के बाद हरिद्वार का नंबर हटाकर उन्होंने पंजाब नंबर की प्लेट लगा ली थी। एसएसपी ने बताया कि दोनों की मुलाकात रुड़की जेल में हुई थी।
दोनों आजकल गांव जमालपुर खुर्द आरकेपुरम में किराए पर रह रहे थे। कार लूट के बाद वे लुधियाना पंजाब पहुंचे और पुरानी रंजिश के कारण सुखविंदर ने सुमित के साथ मिलकर फाइनेंसर जिद्दी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। लुधियाना पुलिस ने आरोपियों पर एक लाख का इनाम घोषित किया हुआ है। इस दौरान एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, सीओ पूर्णिमा गर्ग मौजूद रहे।
रुड़की में सिक्योरिटी गार्ड को गोली मारकर लूटा था कैश
एक लाख के इनामी सुखविंदर ने रुड़की के गंगनहर क्षेत्र में अपने साथियों के साथ मिलकर एटीएम में रकम डालने आई वैन के सिक्योरिटी गार्ड को गोली मारकर 25 लाख की रकम लूट ली थी। शातिर सुखविंदर के खिलाफ गंगनहर के अलावा पंजाब में भी कई मुकदमे दर्ज हैं।
उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, डकैती, लूट, आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। उसकी पिछले साल अक्तूबर में गंगनहर से जुड़े मुकदमे में जमानत हो गई थी, लेकिन लुधियाना के मुकदमे के चलते उसे पंजाब की जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। फिर अगले माह जमानत मिलने पर वह बाहर आ गया था। वहीं, सुमित के खिलाफ भी चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं।
सुखविंदर ने फाइनेंसर जिद्दी से बदला लेने की ठानी हुई थी। दरअसल, सुखविंदर को संदेह था कि पंजाब पुलिस को उसकी मुखबिरी दो बार फाइनेंसर जिद्दी ने की थी। इसलिए वे जिद्दी से रंजिश रखता था और उसकी हत्या करने की हसरत पाली हुई थी। लिहाजा जेल से छूटने के बाद वह जिद्दी की हत्या का ताना बाना बुन रहा था और मौका मिलते ही वह अपने मकसद में कामयाब भी रहा।
ये रहे पुलिस टीम में शामिल
एसओ गोविंद कुमार, एसआई अशोक कुमार, एसआई रधुवीर सिंह रावत, एसआई सतीश शाह, एसआई रणजीत सिंह, एसआई मान सिंह नेगी, सीआईयू प्रभारी राजीव चौहान, सीआईयू रुड़की प्रभारी रविंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल सुंदर लाल, महीपाल, नितिन, विवेक, हरवीर, पदम, शशिकांत, उमेश, संजय कुमार, बारू दत्त जोशी, सुनील राठी, राहुल देव, सुनील कुमार शामिल रहे।