- प्रदेशभर में कराई जा रही है प्रथम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रीमियर लीग 2025
- विज्ञान को समाज से जोड़कर भविष्य के वैज्ञानिक व क्लाइमेट एंबेसडर होंगे तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) पहली बार प्रदेश में विज्ञान प्रीमियर लीग के माध्यम से गांव-गांव तक वैज्ञानिक चेतना जगाने में लगा है। मकसद ये है कि विज्ञान को समाज से जोड़कर भविष्य के वैज्ञानिक और क्लाइमेट एंबेसडर तैयार हो सकें।
यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने बताया कि प्रदेश में पहली बार विज्ञान, प्रौद्योगिकी, आपदा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन पर आधारित प्रथम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रीमियर लीग आयोजित की जा रही है। यह आयोजन प्रदेश के इतिहास में अपनी तरह की एक अनूठी व अभूतपूर्व पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक सोच, नवाचार, समस्या-समाधान क्षमता और जलवायु सहनशीलता को गांव-गांव तक पहुंचाना है।
प्रो. पंत ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सोच है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं, छात्रों और अंतिम छोर में निवास कर रहे प्रत्येक व्यक्ति को आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन एवं विश्वस्तर पर हो रहे वैज्ञानिक प्रयासों की पूरी समझ होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से यूकॉस्ट की ओर से यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। ताकि विज्ञान को समाज से जोड़ा जा सके और भविष्य के वैज्ञानिक व क्लाइमेट एंबेसडर तैयार किए जा सकें।
प्रदेश के सभी 13 जनपदों से चयनित टीमें इस प्रतियोगिता के राज्य स्तरीय मुकाबले के लिए देहरादून पहुंचेंगी। यह प्रतियोगिता आगामी 28, 29 और 30 नवंबर 2025 को ग्राफिक एरा विवि में आयोजित होने वाले 20वें उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन के साथ आयोजित की जाएगी।