यूसीसी की धारा 12 के तहत सचिव के स्थान पर अपर सचिव को सक्षम प्राधिकारी नामित किया गया है। सब रजिस्ट्रार की ओर से निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई न किए जाने की स्थिति में प्रकरण स्वतः पंजीयक एवं पंजीयक जनरल को अग्रेषित किए जाने का प्रावधान किया गया है। सब रजिस्ट्रार पर लगाए गए दंड के विरुद्ध अपील का अधिकार प्रदान किया गया है। दंड की वसूली भूराजस्व की भांति करने का प्रावधान जोड़ा गया है।
नए बदलावों के तहत विवाह के समय पहचान से संबंधित गलत प्रस्तुति को विवाह निरस्तीकरण का आधार बनाया गया है। विवाह एवं लिवइन संबंधों में बल, दबाव, धोखाधड़ी अथवा विधि विरुद्ध कृत्यों के लिए कठोर दंडात्मक प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं। लिव इन संबंध की समाप्ति पर रजिस्ट्रार की ओर से समाप्ति प्रमाणपत्र जारी करने का प्रावधान किया गया है। अनुसूची-2 में विधवा शब्द के स्थान पर जीवनसाथी शब्द का प्रतिस्थापन किया गया है। विवाह, तलाक, लिव इन संबंध एवं उत्तराधिकार से संबंधित पंजीकरण को निरस्त करने की शक्ति पंजीयक जनरल को प्रदान कर दी गई है।