देहरादून। शहर के अलग अलग थाना क्षेत्रों में दो महिलाओं ने फांसी लगा ली। पुलिस के अनुसार दोनों महिलाओं ने डिप्रेशन में आकर आत्महत्या की है। किसी पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। मामले की जांच की जा रही है।
बसंत विहार थाना क्षेत्र के पितांबर निवासी भावना थापा (35) अपने दो बच्चों के साथ रहती थी। भावना का पति विशाल थापा गुजरात में स्टेट बैंक आफ इंडिया में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता है। शुक्रवार रात भावना थापा ने कमरे में पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। कमरे में सो रहे बच्चों के चिल्लाने पर परिवार के अन्य सदस्य पहुंचे और भावना को फंदे से उतारा। आननफानन परिजन भावना लेकर प्रेमनगर चिकित्सालय पहुंचे जहां पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसओ हेमंत खंडूड़ी ने बताया कि कमरे में किसी तरह का सुसाइड नोट तो नहीं मिला। परिजनों के मुताबिक भावना तीन साल से डिप्रेशन का शिकार थी, जिसका इलाज चल रहा था।
दूसरी घटना डालनवाला क्षेत्र में हुई। शनिवार सुबह पुलिस को खबर मिली कि प्रीतम रोड पर संस्कृत महाविद्यालय के पास पेड पर महिला का शव लटका हुआ है। शव को नीचे उतारा गया तो उसकी पहचान बसंती देवी (59) निवासी नेहरू कॉलोनी (मूल निवासी नैनी सैनी पिथौरागढ़) के रूप में हुई। सूचना पर परिजन भी मौके पर आ गए। एसपी सिटी श्वेता चौबे के अनुसार बसंत देवी के पुत्र रोशन सिंह ने बताया है कि मां (बसंती देवी) का श्रीमहंत इन्दिरेश अस्पताल में उपचार चल रहा था। इसके अलावा बसंती शुक्रवार रात बिना बताए घर से निकल गई थी। रात करीब दो बजे पति जगत सिंह ठाकुर को फोन कर बताया था कि वह कहीं दूर खंडहर में आ गई है और फांसी लगा रही है। इसके बाद महिला ने फोन बंद कर लिया था।