दिल्ली में 14 दिन संस्थागत क्वारंटीन के दौरान उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। सात अप्रैल को दून पहुंचने के बाद उन्हें घर पर ही आइसोलेट कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें अस्थमा और निमोनिया की भी दिक्कत थी। मंगलवार देर रात दोनों की आईसीयू में मौत हो गई।
वहीं, प्रभारी सचिव डॉ.पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि कोरोना संक्रमण के लक्षण के आधार पर ही दोनों मरीजों को आइसोलेट किया गया था। जिनके सैंपल जांच के लिए भेजे हैं, लेकिन रात तक रिपोर्ट नहीं आई है। वहीं, अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ.एनएस खत्री के अनुसार रिपोर्ट आने के बाद ही दोनों के शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
देर रात तक होता रहा रिपोर्ट का इंतजार
माना जा रहा था कि दोनों मरीजों की जांच रिपोर्ट शाम तक आ जाएगी, लेकिन देर रात तक दोनों की रिपोर्ट नहीं आ पाई थी। मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों को यही बताया जाता रहा कि रिपोर्ट जल्द आ जाएगी, पर घंटों इंतजार के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिल पाई।