नेत्र रोग चिकित्सा की ओपीडी और ऑपरेशन हो गए बंद, वापस लौट रहे मरीज
सामान्य चिकित्सा की ओपीडी में भी बढ़ गया है दबाव
उप जिला अस्पताल के दो विशेषज्ञ चिकित्सक डेंगू संक्रमित हो गए है। उनके संक्रमित होने से सामान्य चिकित्सा की ओपीडी में दबाव बढ़ गया है। वहीं नेत्र रोग चिकित्सा की ओपीडी और ऑपरेशन बंद हो गए है। दूरदराज के क्षेत्रों से अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीज बैरंग घर लौट रहे हैं।
डेंगू का संक्रमण अब तेजी के साथ फैल रहा है। उपजिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केएस चौहान और नेत्र सर्जन डॉ महेंद्र सिंह राय एलाइजा जांच में डेंगू पॉजिटिव मिले हैं। डॉ. केएस चौहान को संक्रमण अधिक है। उनके खून में प्लेटलेट्स की संख्या 24 हजार तक पहुंच गई।
चिकित्सकों ने बुखार और अन्य संदिग्ध लक्षणों के चलते पहले रैपिड एंटीजन और फिर एलाइजा जांच करवाई थी। दोनों चिकित्सक फिलहाल घर पर ही उपचार ले रहे हैं। डॉ. केएस चौहान सामान्य रोग चिकित्सा की ओपीडी में मरीज देखते है। अस्पताल में भर्ती डेंगू मरीजों का उपचार भी डॉ. चौहान ही कर रहे थे।
अस्पताल में रोजाना करीब 500 मरीज ओपीडी में आते हैं। इनमें 70 फीसदी मरीज सामान्य चिकित्सा की ओपीडी के होते हैं। उनके अवकाश पर जाने से सामान्य चिकित्सा की ओपीडी में चिकित्सकों पर दबाव बढ़ गया है। उधर नेत्र सर्जन डॉ. महेंद्र सिंह राय के अवकाश पर जाने से ओपीडी और ऑपरेशन ठप हो गए है।
प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप चौहान ने बताया की सामान्य ओपीडी मौजूदा चिकित्सकों के माध्यम से संचालित की जा रही है। नेत्र रोग चिकित्सा की ओपीडी को चलाने के लिए कोई विकल्प नहीं है।