इन लोगों ने रकम ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी करने, इनकम टैक्स, आईएमसीटी कोड समेत अन्य करों के नाम पर अभिषेक से 25 लाख रुपये की राशि जमा करा ली। उन्होंने विभिन्न बैंकों के माध्यम से कई खातों में रकम जमा कराई गई।
बाद में अभिषेक को मेल के जरिये कंपनी की ओर बताया गया कि एक व्यक्ति इनाम में जीती गई रकम लेकर इंग्लैंड से भारत आ रहा है। तहरीर में कहा कि 15 दिन पूर्व डेविड उर्फ जॉन उसके गांव आया। उसने खुद को जोहान्सबर्ग दक्षिण अफ्रीका निवासी बताया। डेविड उर्फ जॉन ने दो-दो हजार रुपये के दस नोट मांगे और लकड़ी के बॉक्स से पेपर निकालकर नोट की साइज का पेपर काटा। उसने पेपरों को केमिकल लगाने के बाद डिजिटल बॉक्स में डाल दिया। उसने लॉकर से डॉलर निकालकर बाजार में चेक कराने को कहा, जो असली पाए गए। पूरी रकम देने के लिए उसने 60 लाख रुपये का और इंतजाम करने का कहा।
सोमवार को डेविड उर्फ जॉन और पीटर हल्दुआ शाहू पहुंचे। शक होने पर खुराना ने ग्रामीणों की मदद से दोनों को धर दबोचा और उन्हें कुंडा थाना पुलिस के हवाले कर दिया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने डेविड उर्फ जॉन, पीटर और एक अन्य के खिलाफ धारा 420/120 बी, 66 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल सेट, एक डिजिटल लॉकर, दोनों ओर से खुलने वाला लकड़ी का बॉक्स, सिलवर कलर की पन्नी में लिपटे काले रंग के पेपर के 9 पैकेट बरामद किए। इस मामले की विवेचना जसपुर कोतवाल अब्दुल कलाम को सौंपी गई है।