वे लोग जब डंपरों को छुड़वाने के लिए रेंजर के पास गए तो उन्होंने वन दरोगा शैलेंद्र चौहान से मिलने को कहा। आरोप लगाया कि वन दरोगा शैलेंद्र चौहान ने डंपरों को छुड़वाने के लिए उनसे दो लाख रुपये की मांग की। दोनों ने जब दो लाख रुपये की रसीद की मांग की तो वन दरोगा ने सिर्फ 50 हजार रुपये की ही रसीद देने की बात कही। बाद में दो लाख रुपये में मामला तय हो गया।
इधर, फईम ने सतर्कता विभाग में इसकी शिकायत कर दी। एसपी के अनुसार सतर्कता विभाग की जांच में शिकायत सही पाई गई। वन दरोगा को पकड़ने के लिए निरीक्षक राम सिंह मेहता की अगुवाई में टीम मंगलवार की दोपहर रामनगर के भवानी गंज चौराहे के पास पहुंची। जैसे ही फईम ने एक लाख रुपये वन दरोगा शैलेंद्र सिंह को दिए टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़कर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।