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यहां गंगा नदी के समानांतर बह रही दो भगवा नदियां

Wed, 19 Jul 2017 08:56 AM IST
कौशल सिखौला / अमर उजाला, हरिद्वार
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ganga river - फोटो : google
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श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के इस दौर में पतित पावनी गंगा के समानांतर दो भगवा नदी सैकड़ों मील तक बह रही हैं।
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एक नदी गंगा की नील धारा के किनारे राष्ट्रीय राजमार्ग पर बही है, तो दूसरी गंगनहर के साथ-साथ दूर तक जा रही है। इन मानव नदियों में भगवा वस्त्रधारी भगवान भोलेनाथ के भक्त कंधों पर आस्था की कांवड़ लेकर चल रहे है।

रास्ते में कहीं श्रद्धा के सरोवर मिलते है और कहीं भावना के सागर। ये दोनों मानव महा नदियां शिव और गंगा का संदेश गांव-गांव, शहर-शहर लेकर जा रही हैं।
     
श्रावण मास ऐसा पवित्र मास है, जब वर्ष भर खुली आंखों से साक्षात दिखाई देने वाली मां गंगा ही नहीं बल्कि वे जो महारुद्र की जटाओं से निकली है, वे शिव शंकर भी इसी नगरी में दिखाई देते हैं। दक्षेश्वर बनकर विराजमान शिव के साकार दर्शन कांवड़ मेले में भक्तों को हो रहे हैं। ऐसे हजारों शिव भक्त हैं, जो कनखल के शिव मंदिर में शिव पार्वती और सती शिव के दर्शनों का सौभाग्य इस महीने प्राप्त कर लेते है। आवश्यकता बस उस श्रद्धा की है, जो कांवड़ियों में कूट-कूट कर भरी हुई है।
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ये नदियां करेंगी भगवान शंकर का जलाभिषेक

सावन के दूसरे सोमवार पर जलाभिषेक के लिए पहुंचे कांवरियों से हरिद्वार शिवमय - फोटो : अमर उजाला
भगवान भोलेनाथ की ससुराल और ब्रह्मा, विष्णु, महेश की हरकी पैड़ी से निकलकर एक भगवा नदी चंडी पुल पार कर श्यामपुर, नजीबाबाद, बिजनौर, मुरादाबाद के रास्ते आगे बढ़ रही है, तो दूसरी भगवा नदी हरिद्वार से ज्वालापुर, रुड़की, मंगलौर, मुजफ्फरनगर, मेरठ और मुरादनगर होते हुए दिल्ली की ओर जा रही हैं।

कांवड़ियों की इसी मानव नदी में से एक नदी रुड़की से भगवानपुर, सहारनपुर होते हुए हरियाणा और पंजाब की ओर बढ़ चुकी है। पहले ही मध्य प्रदेश और राजस्थान जाने वाली कांवड़धारियों की नदियां दोनों राज्यों में पहुंच चुकी हैं। गंगा के साथ-साथ यात्रा कर रही इन मानव नदियों की शिव भक्ति देखते ही बनती है। ये नदियां छोटी-छोटी धाराओं के रूप में बदलकर दूर दराज के भीतरी गांव में जाएंगी और शहरों के शिवालयों में शिवरात्रि के दिन भगवान शंकर का जलाभिषेक करेंगी।
      
इन मानव विशाल मानव नदियों का असली नजारा मंसा देवी और चंडी देवी की शिवालिक पर्वत मालाओं से दिखाई पड़  रहा है। ड्रोन कैमरा इस पूरे मेले की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए है। गंगा की इस मायापुरी में यह आलौकिक, अनोखा दृश्य देखने के लिए विदेशों से भी पर्यटक इन दिनों पहुंच रहे हैं। उनके कैमरों में भारत की आस्था लगातार कैद हो रही है।

श्रावण मास में ऐसा ही अदभुत नजारा काशी और प्रयाग में दिखाई पड़ रहा हैं। झारखंड के बाबा वैद्यनाथ धाम और हिमाचल प्रदेश के बाबा बैजनाथ धाम तक भी ऐसी भगवा नदियां पहुंच रही है। यही नही, श्रावण मास में दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी शिव भक्त शैवों की ऐसी धर्म यात्राएं लगातार बह रही हैं। 
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