पुलिस मुख्यालय के अफसरों ने उसी दिन महाव्रत की इस घोषणा को पुलिस के प्रति दुष्प्रचार बताया, लेकिन सोशल मीडिया पर लगातार महाव्रत के समर्थन में प्रचार चलता रहा। मामला गरमाया तो अफसरों ने एलआईयू और साइबर से जुड़े लोगाें को ऐसे पुलिसकर्मियों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी दे दी।
महाव्रत का मुद्दा सोशल मीडिया के अलावा पुलिस महकमे में गरमा गया है। चमोली के दो सिपाहियों को सोशल मीडिया पर महाव्रत ऐलान से जुड़ी पोस्ट डालने पर दो दिन पहले निलंबित कर दिया गया।
यही नहीं प्रदेश के 13 जिलों में गोपनीय रूप से पुलिस कर्मियाें की बैठक लेकर हिदायत दी गई। कहा गया कि उनकी समस्याआें का निस्तारण कराया जाएगा, मगर किसी तरह की अनुशासनहीनता हुई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कर्मियाें की समस्याओं के निस्तारण में पीएचक्यू स्तर से कोई कोताही नहीं है। हर समय उनकी बात सुनने को तैयार हैं। महाव्रत का प्रचार करने वाले पुलिस कर्मियाें और अन्य लोगाें को चिह्नित करने का काम चल रहा है। किसी भी पुलिस कर्मी ने अनुशासनहीनता की तो उसके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।
- अशोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था।