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सोशल मीडिया पर वायरल एक मैसेज ने उड़ाई पुलिसकर्मियों की नींद, दो सिपाही सस्पेंड

Fri, 05 Jan 2018 01:47 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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मिशन आक्रोश के बाद अब पुलिस के कथित महाव्रत (अघोषित विरोध) के ऐलान ने पुलिस अफसरों की नींद हराम कर दी है। अफसर महाव्रत के प्रचार को खारिज तो कर रहे हैं, मगर सुलग रही इस चिंगारी को बुझाने की कोशिशों में भी जुटे हैं।

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सोशल मीडिया पर महाव्रत से जुड़ी पोस्ट डालने पर चमोली के दो सिपाहियों को निलंबित कर दूसरे पुलिस कर्मियों को कड़ा संदेश दिया गया है। यही नहीं हर जिले में संदिग्ध छवि के पुलिसकर्मियों की निगरानी करने को कहा गया है। प्रदेश के तमाम जिलों में पुलिस कर्मियों को हिदायत दी गई है कि यदि किसी तरह की अनुशासनहीनता हुई तो सीधे बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड पुलिस में कांग्रेस सरकार में हुए मिशन आक्रोश के बाद अब महाव्रत का ऐलान अफसरों और शासन के गले की फांस बन गया है। 17 सितंबर को पुलिस की तरफ से मुख्यमंत्री के नाम का एक गोपनीय पत्र मीडिया को भेजा गया था, जिसमें कहा गया था कि पुलिस कर्मियाें की वेतन समेत विभिन्न समस्याओं का पांच जनवरी तक निस्तारण न होने पर छह जनवरी को पूरे प्रदेश में पुलिस कर्मियों द्वारा महाव्रत रखा जाएगा।

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पुलिस मुख्यालय के अफसरों ने उसी दिन महाव्रत की इस घोषणा को पुलिस के प्रति दुष्प्रचार बताया, लेकिन सोशल मीडिया पर लगातार महाव्रत के समर्थन में प्रचार चलता रहा। मामला गरमाया तो अफसरों ने एलआईयू और साइबर से जुड़े लोगाें को ऐसे पुलिसकर्मियों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी दे दी।

महाव्रत का मुद्दा सोशल मीडिया के अलावा पुलिस महकमे में गरमा गया है। चमोली के दो सिपाहियों को सोशल मीडिया पर महाव्रत ऐलान से जुड़ी पोस्ट डालने पर दो दिन पहले निलंबित कर दिया गया।

यही नहीं प्रदेश के 13 जिलों में गोपनीय रूप से पुलिस कर्मियाें की बैठक लेकर हिदायत दी गई। कहा गया कि उनकी समस्याआें का निस्तारण कराया जाएगा, मगर किसी तरह की अनुशासनहीनता हुई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस कर्मियाें की समस्याओं के निस्तारण में पीएचक्यू स्तर से कोई कोताही नहीं है। हर समय उनकी बात सुनने को तैयार हैं। महाव्रत का प्रचार करने वाले पुलिस कर्मियाें और अन्य लोगाें को चिह्नित करने का काम चल रहा है। किसी भी पुलिस कर्मी ने अनुशासनहीनता की तो उसके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।
- अशोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था।
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