उत्तराखंड विधानसभा सत्र के अंदर माहौल उस समय गरमा गया जब दो विधायक आपस में ही लड़ने लगे। वे लड़े ही नहीं बल्कि उन्होंने एक दूसरे से गाली गलौच भी की। इतना ही नहीं दोनों ने एक दूसरे को देख लेने की धमकी भी दे डाली। पढ़िए क्या हुआ विधानसभा में...
समय-ग्यारह बजकर 20 मिनट। स्थान-विधानसभा। एनएच-74 मामले में हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित है। स्पीकर, सीएम और कुछ एक मंत्रियों को छोड़कर बाकी सब मौजूद हैं।
नेता प्रतिपक्ष डा.इंदिरा ह्दयेश की भी मौजूदगी है। झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल जोर-जोर से बोलकर अपनी ओर सबका ध्यान खींच रहे हैं। दलित वर्ग से संबंधित एक सवाल वह प्रश्नकाल बाधित होने के कारण नहीं उठा पाए हैं।
वह विपक्ष पर दलित विरोधी होने का आरोप मढ़ रहे हैं। विपक्ष उनके अंदाज पर चुटकी ले रहा है। इस मामले में उनकी पार्टी के विधायक भी पीछे नहीं है। माहौल हल्का-फुल्का है। इस बीच, जौनसार क्षेत्र में मंदिरों में दलितों के प्रवेश को लेकर कर्णवाल की टिप्पणी सामने आ रही है।
निशाने पर जाने-अनजाने चकराता विधायक और पीसीसी चीफ प्रीतम सिंह आ गए हैं। कांग्रेसी विधायक हरीश धामी अब कर्णवाल से मुखातिब होकर जोर जोर से चिल्लाने लगे हैं।
वह कर्णवाल के करीब पहुंच गए हैं और हाथ पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ और कांग्रेसी विधायक उनके साथ हैं और माहौल गर्म हो गया है। हो-हल्ला अब गूंज रहा है। एकाध सदस्य गाली भी दे रहे हैं।
लड़ाई के बादधरने पर बैठे विधायक
स्थगित सदन में बृहस्पतिवार को जो कुछ हुआ, उससे सदन में जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायकों के कुरूप चेहरों को सामने रखा है। यह मामला सदन की कार्रवाई का हिस्सा नहीं है, लेकिन सवाल जनप्रतिनिधियों के आचरण से जरूर जुड़ा है।
दरअसल, देशराज कर्णवाल की टिप्पणी के बाद जो माहौल स्थगित सदन में बना, उसने ये ही साबित किया है, कि संसदीय शिष्टाचार की तमाम सारी बातें अभी हमारे विधायकों को सीखनी बाकी है।
हरीश धामी के साथ ही रानीखेत विधायक करन माहरा और जसपुर विधायक आदेश चौहान के विरोध के तरीके पर उनकी पार्टी के लोग भी हतप्रभ दिखे। कांग्रेसी विधायकों को समझाने के लिए कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और अरविंद पांडेय को उनकी सीटों तक जाना पड़ा। नाराज झबरेड़ा विधायक ने बाद में विधानसभा गेट पर धरना भी दिया।
चौहान जी, आप बहुत ज्ञाता न बनें
विधानसभा बजट सत्र के दौरान एनएच घोटाले से जुडे़ मामले में बोलते हुए कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह भी एक बार झल्ला से गए। दरअसल, जैसे ही उन्होंने अपना संबोधन शुरू किया, वैसे ही ट्रेजरी बेंच में बैठे बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने टोका-टोकी शुरू कर दी। इस पर तल्ख लहजे में प्रीतम सिंह बोल पडे़-चौहान जी, आप बहुत ज्ञाता न बनें और मुझे बोलने दें। चौहान और प्रीतम के बीच जौनसार क्षेत्र की सियासत में लंबे से राजनीतिक रंजिश रही है।