पंचेश्वर बांध को लेकर जनसुनवाई की शुरुआत में ही प्रभावितों के स्थान पर भाजपाइयों के हाथों में माइक थमाने और जनसुनवाई कर रहे अधिकारियों के साथ मंच पर भाजपाइयों के विराजमान होने के विरोध में धारचूला के विधायक हरीश धामी मंच छोड़कर बाहर चल दिए।
इस दौरान धामी और डीडीहाट के विधायक विशन सिंह चुफाल के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सुनवाई का विरोध कर रहे पूर्व विधायक उक्रांद नेता काशी सिंह ऐरी को पुलिस ने धक्का देकर सुनवाई हाल से बाहर कर दिया।
जनसुनवाई शुरू होने के बाद दो बांध प्रभावितों ने अपनी बात रखी। तीसरे नंबर पर बांध प्रभावित के स्थान पर स्थानीय भाजपा नेता ललित पंत ने माइक हाथ में पकड़ लिया। उन्होंने अपना संबोधन राज्य और केंद्र में हमारी सरकार है से किया और बांध प्रभावितों के हित में सुझाव देने लगे। इतने में हाल में आवाज उठी कि बांध प्रभावितों को बोलने का मौका मिलना चाहिए।
चुफाल और धामी के बीच नोकझोंक
इस पर धारचूला के विधायक हरीश धामी ने भी सवाल उठा दिए। उनका कहना था कि डूब क्षेत्र में आने वाले लोगों को पहले बोलने का मौका मिलना चाहिए। उनकी पंत से भी नोकझोंक हुई। इसी दौरान चुफाल और धामी के बीच नोकझोंक होने लगी।
सुनवाई हाल में मौजूद भाजपाई धामी के विरोध में नारे लगाने लगे। इस पर विधायक धामी जनसुनवाई स्थल छोड़ने का ऐलान करते हुए हाल से बाहर निकल गए। यह करीब सवा बारह बजे का वाकया था। भाजपाइयों का प्रभाव कहें या कुछ और जनसुनवाई कर रहे प्रशासनिक अधिकारियों ने ललित पंत को फिर बोलने का मौका दे दिया।
इसके कुछ समय पश्चात सुनवाई हाल में उक्रांद नेता काशी सिंह ऐरी ने अकेले प्रवेश किया। और बरसात में जनसुनवाई करने पर सवाल खड़े करते हुए सुनवाई बंद करने की मांग करने लगे। विधायक विशन सिंह चुफाल की ऐरी से नोकझोंक हुई। हाल में भारी संख्या में मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने ऐरी से धक्कामुक्की शुरू कर दी। पुलिस ने बलपूर्वक ऐरी को हाल से बाहर कर दिया।
विधायक धामी का आमरण अनशन शुरू
हंगामे के बाद दोपहर 12.15 बजे जनसुनवाई स्थल विकास भवन सभागार से बाहर गए धारचूला के विधायक हरीश धामी शाम करीब 4 बजे अपने समर्थकों के साथ विकास भवन परिसर पहुंचे और आमरण अनशन में बैठ गए। धामी ने जिला मुख्यालय में जनसुनवाई को गलत बताते हुए न्याय पंचायत स्तर पर जनसुनवाई की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि सरकार जब तक न्याय पंचायत स्तर पर जनसुनवाई का फैसला नहीं लिया जाता, वह आमरण अनशन से नहीं उठेंगे। धामी को मनाने के लिए प्रभारी जिलाधिकारी आशीष चौहान पहुंचे। उन्होंने विधायक को मनाने के तमाम प्रयास किए लेकिन धामी अनशन से उठने को तैयार नहीं हुए। धामी के साथ तमाम कांग्रेसी अनशन स्थल पर मौजूद हैं।
पंचेश्वर बांध की जनसुनवाई गांवों में करने समेत तमाम मांगों को लेकर विकासभवन पहुंचे विभिन्न संगठनों को पुलिस ने सुनवाई स्थल पर नहीं जाने दिया। महाकाली की आवाज संगठन के संयोजक शंकर खड़ायत के नेतृत्व में पहुंचे लोगों के साथ ही उक्रांद नेता काशी सिंह ऐरी समेत तमाम लोगों को पुलिस ने रोका।
हालांकि बाद में खड़ायत और ऐरी सुनवाई स्थल में पहुंच गए। विकास भवन के बाहर सड़क में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। कई बार पुलिस के साथ झड़प हुई।