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हरिद्वारः सरकारी क्वार्टर में घुसे दो गुलदार, अटकी सांसें

Wed, 18 Feb 2015 02:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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राजाजी नेशनल पार्क से दो गुलदार जजेज कॉलोनी (सरकारी कॉलोनी) के एक क्वार्टर में घुसने से अफरातफरी मच गई। कॉलोनीवासियों ने पहले अपने स्तर से इन्हें बाहर करने का प्रयास किया लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो सूचना पर पहुंची पार्क प्रशासन की टीम ने पांच घंटे ऑपरेशन रेस्क्यू चलाकर एक गुलदार को पकड़ने में सफलता हासिल की। वहीं दूसरा गुलदार स्वयं जंगल की ओर भाग गया।
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मंगलवार सुबह आठ बजे हरिद्वार के रोशनाबाद टेलीफोन एक्सचेंज के सामने जजेज कॉलोनी के क्वार्टर संख्या टाइप थर्ड जी-04 की सीढ़ियों पर दो गुलदार चढ़ गए।

उस समय इस क्वार्टर में रहने वाले एवं न्याय विभाग में कार्यरत वीपी सक्सेना परिवार के साथ पास स्थित शिवमंदिर में पूजा-अर्चना करने गए थे।

700 क्वार्टरों की इस कॉलोनी में गुलदार घुसने की सूचना जंगल में आग की तरह फैल गई। करीब आधे घंटे बाद ही मौके पर भीड़ जुट गई।

पांच घंटे की मशक्कत के बाद एक पकड़ा

पहले तो क्वार्टरों में रहने वाले लोगों ने गुलदारों को स्वयं भगाने का प्रयास किया लेकिन जब बात नहीं बनी तो सुबह दस बजे पार्क अधिकारियों को सूचना दी। कुछ देर बाद वन विभाग और पार्क प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। उसी बीच सिडकुल थानाध्यक्ष ऋतुराज सिंह भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।

वन विभाग की टीम सीढ़ी लगाकर छत पर पहुंची। कई राउंड फायर किए लेकिन गुलदार नीचे नहीं उतरे। करीब डेढ़ बजे एक गुलदार अचानक उतरा और कमरे में घुसने लगा। हो-हल्ला होने पर वह जंगल की ओर भाग निकला।

दोबारा फायर झोंकने पर दूसरा गुलदार नीचे उतरा और नाली में घुस गया। वन विभाग के अधिकारियों ने एक तरफ पिंजरा लगाया दूसरी तरफ धुआं किया। करीब तीन बजे गुलदार पिंजरे में कैद हुआ। इस दौरान जिला जज कुमकुम रानी, सीडीओ रंजना, एसडीएम बीर सिंह बुदियाल भी मौके पर डटे रहे। गनीमत रही कि कोई चोटिल नहीं हुआ।

पढ़‌िए, ऐसे चला ऑपरेशन रेस्क्यू

सुबह 11:30 बजे
मकान की सीढ़ियों के पास से एक छोर से कुछ ईंटें निकाली। बंदूक की नाली अंदर कर फायर झोंके, लेकिन गुलदार टस से मस नहीं हुए।  
दोपहर 12:00 बजे: वन विभाग से पिंजरा लेकर एक लोडर पहुंचा।
दोपहर 12:35 बजे: कटर मशीन मंगाई गई। जीने की दूसरी ओर से कटर मशीन से सुराख किया। कपडे़ को पेट्रोल में भिगोकर आग लगाई और इसके अंदर डाला। दूसरे सुराख से फायर झोंके।
दोपहर 1:36 बजे
एक गुलदार नीचे उतरा और पास स्थिति क्वार्टर में घुसने की कोशिश करने लगा। हो-हल्ला होने पर वह सामने टेलीफोन एक्सचेंज से सटे जंगल की ओर निकल भागा।  
दोपहर 1:38 बजे
वन कर्मी ने दोबारा फायर झोंका तो गुलदार नीचे उतरा और नाली में घुस गया। वन विभाग की टीम ने इसे पकड़ने के लिए एक तरफ पिंजरा लगाया दूसरी तरफ कंबल डाला। लेकिन गुलदार बाहर नहीं निकला। उसके बाद टीम ने एक तरफ धुआं किया और दूसरी तरफ पिंजरा लगाया।
सायं 3:00 बजे
सायं तीन बजे गुलदार पिंजरे में कैद किया गया। उसके बाद उसे पास स्थित राजाजी पार्क के जंगल में छोड़ दिया गया।
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मोबाइल से बनाते रहे वीडियो

कहीं गुलदार की दहशत थी तो बगल वाले क्वार्टरों में कैद हुए लोग मोबाइल से गुलदारों की वीडियो बनाते रहे। छोटे बच्चों को कालोनी के लोगों ने गुलदार के डर से पुलिस और अन्य विभागीय अधिकारियों की जिप्सी में बिठाया रखा।

स्ट्रीट लाइट बंद, प्रशासन को कोसा
राज्य संयुक्त कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष जटाशंकर श्रीवास्तव ने कहा कि जजेज कॉलोनी सहित पास स्थित सरकारी कॉलोनी में स्ट्रीट लाइटों के बंद होने की वजह से गुलदार घुसने के मामले बढ़ रहे हैं। इस कॉलोनी में छह माह से स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। आवासीय समिति की बैठक में सीडीओ को भी खराब लाइटों के बाबत अवगत कराया। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

इनका है कहना
सूचना मिलने के बाद वन विभाग और राजाजी पार्क की टीम मौके पर पहुंच गई थी। मशक्कत के बाद एक गुलदार भागने में कामयाब रहा। दूसरा गुलदार पिंजरे में कैदकर पास के जंगल में छोड़ दिया।
-महेश सेमवाल, डिप्टी रेंजर हरिद्वार रेंज।

दो मार्च 2014 की याद हुई ताजा
गत वर्ष सिडकुल की एल्पस कंपनी के गोदाम में एक मार्च की शाम को एक गुलदार घुस गया था। वन विभाग की टीम ने पूरे दिन आपरेशन चलाया लेकिन हाथ नहीं आया। अगले दिन (दो मार्च) तड़के चार बजे गुलदार पिंजरे में कैद हो पाया। गुलदार के हमले से कंपनी अधिकारी सहित दो अन्य कर्मचारी घायल हुए थे।
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