उत्तराखंड में सोमवार से मरीजों को पौने दो लाख रुपए तक का उपचार मुफ्त मिल सकेगा। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को संशोधित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ करते हुए यह घोषणा की।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा यह स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण की ओर एक कदम है। योजना उस आम आदमी के लिए है जिसकी स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच नहीं है। कारण धन का अभाव है। हम अब कह सकते हैं कि योजना उनके सपोर्ट में खडी है।
इसका बुनियादी सिद्धांत ही यही है कि वह व्यक्ति जो धन के अभाव में डॉक्टर का दरवाजा नहीं खटखटा सकता या अस्पताल की दहलीज नहीं लांघ पाता, उसे भी इलाज मिले। उन्होंने कहा कि मास लेवल पर कोई कार्य होता है तो कुछ दिक्कतें आती हैं।
हमने एक ट्रायल किया था और मैंने तब स्वास्थ्य मंत्री को कहा था कि यदि हम इसमें 50 प्रतिशत भी सफल हुए तो योजना का दायरा बढाएंगे। हम नहीं चाहते कि कोई भी व्यक्ति धन के अभाव भी अपने पत्नी-बच्चे को मरता देखे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एमएसबीवाई में किसी भी व्यक्ति के इलाज में तकनीकी बाधा न आए।
इसके लिए प्रत्येक अस्पताल में एमएसबीवाई फेलिसिटेटर नियुक्त करने के उन्होंने निर्देश दिए। ताकि अस्पताल पहुंचकर कोई भी पात्र व्यक्ति इलाज से महरूम न रहे। साथ ही एमएसबीवाई मानिटर भी नियुक्त करने को कहा है। जो सीधा स्वास्थ्य महानिदेशालय से लिंक होगी।
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को कहा आप जिस पद पर हैं अगर इस योजना को सफल बना दिया तो समझें की नोबल जीत लिए। सीएम ने कहा की चुनाव नजदीक हैं, जो भी योजनाएं तैयार की गई है उन्हें समय से पहले पूरा करो। बोले कि भगवान और कोर्ट तक मेरी प्राथना पहुंच गई बस डॉक्टरों तक ही नहीं पहुच रही।
डॉक्टरों को लुभाने को तमाम कार्य किये लेकिन पता नहीं की अर्जी कहा अटकी है। आशाओं से कहा की कमर कस लो और योजना को साकार करके दिखाओ।अच्छे काम के लिए आशाओं को पांच हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने की बात भी उन्होंने कही।
1206 सामान्य व 459 गम्भीर बीमारियां
योजना के तहत 1206 सामान्य और 459 गंभीर बीमारियां कवर की जायेगी। योजना में सामान्य बिमारियों के लिए 50 हजार और गंभीर बीमारियों के लिए 1.25 लाख का कवर है।
15 अगस्त तक विशेष अभियान
योजना से छूटे लोगों और नए आवेदकों को शामिल करने के लिए एक से 15 अगस्त तक प्रदेशभर में अभियान चलेगा। आवेदक आशा या नजदीकी सरकारी अस्पताल में पंजीकरण करा सकेंगे। अधिक जानकारी के लिए इसके लिए टोल फ्री नम्बर 18001801200 जारी किया गया है।