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उत्तराखंड में दिव्यांगों को विशेष सुविधा, खुलेंगे दो ITI

Mon, 25 Jan 2016 04:17 PM IST
अजित सिंह राठी/ अमर उजाला, देहरादून
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महाराष्ट्र के बाद संभवत: उत्तराखंड दूसरा राज्य होगा, जहां पर केवल दिव्यांगों (विकलांग) के लिए अलग आईटीआई होगी।
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मुख्यमंत्री ने हरिद्वार के लालढांग और अल्मोड़ा के देवलीखाल में दिव्यांगों के लिए एक-एक आवासीय आईटीआई को मंजूरी दे दी है। अभी तक केवल दिव्यांगों के लिए पृथक आईटीआई महाराष्ट्र के वर्धा शहर में संचालित हो रही है।

प्रदेश की इन दोनों आईटीआई के निर्माण का काम इसी वित्तीय वर्ष में शुरू होगा और ये दोनों संस्थान केवल दिव्यांगों के लिए ही समर्पित होंगे। शुक्रवार को मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद शासन ने दोनों आईटीआई के निर्माण की गाइड लाइन और संभावित कोर्स की सूची जारी कर दी है।
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प्रशिक्षण विभाग ने दोनों संस्थानों के निर्माण की जारी गाइड लाइन में स्पष्ट किया है कि निर्माण ड्राइंग कार्य इस तरह से हो, ताकि दिव्यांगों के लिए विशेष रूप से निर्धारित फ्रेंडली स्टैंडर्ड का अनुपालन हो सके। मसलन, क्लास रूम, प्रयोगशाला, वॉशरूम, रैम्प, लिफ्ट आदि विशेष मानकों के अनुरूप सारी व्यवस्था सुनिश्चित हो।

इसी तरह से इन संस्थानों में संचालित होने वाले कोर्स भी ऐसे हों जो कि दिव्यांगों के लिए ही डिजाइन किए गए हों। कुछ कोर्स लगभग फाइनल हो चुके हैं और ताजा कोर्स तलाशे जा रहे हैं जो कि दिव्यांगों को रोजगार की मुख्य धारा में जोड़ने का काम करें।
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ये कोर्स संचालित होंगे
: दसवीं पास छात्रों के लिए एक साल का कोपा (कंप्यूटर ट्रेनिंग प्रोग्राम) का कोर्स जो 12वीं उत्तीर्ण के समकक्ष होगा।
: हेयर एंड स्किन केयर भी एक साल का कोर्स होगा, जो कि 12वीं उत्तीर्ण के समकक्ष होगा।
: डेस्कटॉप पब्लिसिंग आपरेटर और मेटल कटिंग अटेंडेंट के कोर्स भी एक वर्ष के होंगे।

ये दोनों आईटीआई सीएम का विजन हैं, ताकि अशक्त लोगों को रोजगार से जोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जाए। हाल ही में इन दोनों आईटीआई को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दी है। दोनों के निर्माण की शुरूआत इसी वित्तीय वर्ष में होगी। निर्माण में सारे मानक दिव्यांगों के दृष्टिगत होंगे।
- डॉ. पंकज पांडेय, निदेशक प्रशिक्षण व तकनीकी शिक्षा
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