शिक्षा विभाग में फर्जी व अमान्य डिग्रियों से हुई नियुक्तियों के मामले में बड़ी संख्या में अशासकीय व सरकारी स्कूलों के टीचर जांच के घेरे में आ गए हैं।अशासकीय स्कूलों की बात करें तो गढ़वाल मंडल में माध्यमिक के 231 टीचर जांच के घेरे में हैं। इनमें 104 टीचर हरिद्वार और 67 चमोली जिले के हैं।
इनके अलावा देहरादून में 20, टिहरी में नौ, पौड़ी गढ़वाल में 26, रुद्रप्रयाग में पांच टीचर शामिल हैं। इनके अलावा अशासकीय व सरकारी स्कूलों के अन्य टीचरों के प्रमाणपत्रों की जांच भी जारी है।
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के निर्देश पर प्रदेश भर में नियुक्तियों में हुए फर्जीवाड़े की जांच की जा रही है। अशासकीय स्कूलों में चल रही जांच में छह महीने पहले हुई नियुक्तियों को ही लिया गया है।
टीचरों के प्रमाणपत्रों के साथ ही स्कूल की ओर से नियुक्ति के विज्ञापन की तिथि, इंटरव्यू, अनुमोदन कब मिला और टीचरों ने कब कार्यभार ग्रहण किया, इन सभी बिंदुओं को जांच के दायरे में लिया गया है।
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने 24 मई को सचिवालय में प्रदेश के समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों एवं उप शिक्षा अधिकारियों की बैठक बुलाई है। बैठक में विद्यालयों की स्थिति के साथ ही प्रमाणपत्रों की जांच के संबंध में भी चर्चा होगी।