राजकीय एलोपैथिक अस्पताल कोटी में तैनात दो महिला डॉक्टर बीते एक माह से गायब चल रही हैं। पूरा अस्पताल महज फार्मेसिस्ट के भरोसे है। डॉक्टर नहीं होने से इलाज के लिए लोगों को 28 किमी दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चकराता की दौड़ लगानी पड़ रही है।
अस्पताल से कोटी, कनासर, अमराड़, झबराड़, रोटा, कुताड़, सावड़ा, बिनसोन, भ्यूंदरा, रजाणू समेत 40 गांव की आबादी जुड़ी है। लोगों का आरोप है कि अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर 18 अप्रैल और दूसरी 29 अप्रैल से गायब चल रही हैं। अस्पताल के फार्मेसिस्ट के भरोसे संचालित होने से महज सर्दी, जुकाम जैसी मामूली बीमारी की ही दवा मिलती है।
चोट लगने या अधिक तबीयत बिगड़ने पर सीधे सीएचसी चकराता की दौड़ लगानी पड़ रही है। ग्रामीण जयपाल सिंह रावत, नरेश, चंदराम नौटियाल, जगदीश, परमेश आदि का कहना है कि शिकायत के बाद भी अब तक विभाग ने गायब रहने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं रामभरोसे चल रही हैं। उन्होंने कहा यदि स्वास्थ्य विभाग जल्द एलोपैथिक अस्पताल में डॉक्टरों को तैनात नहीं करता है तो लोगों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। सीएचसी चकराता के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एमएस राय ने कहा कि गायब डॉक्टरों का वेतन काटने की संस्तुति उच्चाधिकारियों से की गई है।