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चिंतन शिविर: उत्तराखंड में कमजोर वर्ग की चिंता, मजबूती के लिए चार मूल मंत्रों पर जोर...इन मुद्दों पर हुआ मंथन

Mon, 07 Apr 2025 08:15 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

चिंतन शिविर में कमजोर वर्ग के लिए चिंता, तो मजबूती के लिए चार मंत्रों पर सबसे ज्यादा जोर दिया है। ये चार मंत्र हैं- शिक्षा, आर्थिक विकास, सामाजिक सुरक्षा और योजनाओं व सुविधाओं की वंचित वर्ग तक सीधे पहुंच।
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चिंतन शिविर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आज देहरादून में दो दिवसीय 'चिंतन शिविर 2025' का उद्घाटन किया गया। यह आयोजन समावेशी नीति निर्माण, कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और उपेक्षित रहे समुदायों के लिए सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने हेतु केंद्र एवं राज्य सरकारों के मध्य सहयोग को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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चिंतन शिविर में कमजोर वर्ग के लिए चिंता, तो मजबूती के लिए चार मंत्रों पर सबसे ज्यादा जोर दिया है। ये चार मंत्र हैं- शिक्षा, आर्थिक विकास, सामाजिक सुरक्षा और योजनाओं व सुविधाओं की वंचित वर्ग तक सीधे पहुंच।

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शिविर में कहा गया कि वंचित वर्ग की शिक्षा, उसके आर्थिक विकास, उसकी सामाजिक सुरक्षा के ठोस इंतजाम करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि सुविधाओं और तमाम योजनाओं की उस तक सीधी पहुंच हो जाए। पहले दिन के विभिन्न सत्रों का यही निचोड़ रहा है, जहां केंद्र सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं में राज्यों की सहभागिता से वंचित वर्ग के सशक्तीकरण का संकल्प लिया गया। चिंतन शिविर के  दूसरे दिन कल समापन सत्र के अलावा दो अन्य सत्र भी आयोजित किए जाने हैं। इनमें से एक, सामाजिक सशक्तीकरण पर केंद्रित होगा, तो दूसरा सत्र तकनीकी होगा।

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