एक ही दिन पौड़ी व अल्मोड़ा में हार्ट अटैक से दो विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों की मौत हो गई। प्राथमिक शिक्षक संघ का आरोप है कि डीएलएड प्रशिक्षण को लेकर विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों तनाव में है। जिससे बृहस्पतिवार को दो शिक्षकों की हार्ट अटैक से आकस्मिक मौत हुई है।
डीएलएड कोर्स से मुक्त करने व राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद(एनसीटीई) से विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण को मान्यता दिलाने की मांग को लेकर शिक्षा निदेशालय में बागेश्वर व अल्मोड़ा जिला के शिक्षकों ने धरना दिया।
प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री दिग्विजय सिंह चौहान ने कहा कि डीएलएड प्रशिक्षण को लेकर प्रदेश के 13 हजार से अधिक विशिष्ट बीटीसी शिक्षक डिप्रेशन में है। जिसके कारण पौड़ी जिला के राजकीय प्राथमिक विद्यालय सकम्यानी खाल में प्रधानाचार्य पद पर तैनात विनोद नेगी(45) और अल्मोड़ा जिला के राजकीय प्राथमिक विद्यालय मसनिया बांझ में तैनात शिक्षक नरेंद्र भाकुनी(41) की हार्ट अटैक से मौत हुई है।
नरेंद्र भाकुनी शिक्षा निदेशालय में चल रहे क्रमिक धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अपने अन्य साथियों के साथ देहरादून आ रहा था। संघ का कहना है कि पिछले कई दिनों से विशिष्ट बीटीसी शिक्षक शिक्षा निदेशालय के समक्ष धरना दे रहे हैं। लेकिन अभी तक सरकार व शिक्षा विभाग की तरफ से कोई सुध नहीं ली जा रही है।
इससे शिक्षक अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। वर्ष 2001 से लेकर 2010 तक शिक्षा विभाग ने विशिष्ट बीटीसी का प्रशिक्षण देकर दूरदराज के स्कूलों में नियुक्ति दी। लेकिन सरकार एनसीटीई से विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण के लिए मान्यता नहीं ले पाई।
निदेशालय में अल्मोड़ा, बागेश्वर के शिक्षकों ने दिया धरना
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इसके लिए सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है। अब शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश भर में शिक्षकों को दोबारा से डीएलएड प्रशिक्षण के लिए बाध्य किया जा रहा है। उधर प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आरके कुंवर का कहना है शिक्षकों के मौत के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
शिक्षा निदेशालय में बृहस्पतिवार को अल्मोड़ा व बागेश्वर जिला के विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों ने धरना दिया। इस मौके पर प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रदेश अध्यक्ष निर्मला महर, प्रदेश महामंत्री दिग्विजय सिंह चौहान, जिला अध्यक्ष अल्मोड़ा किशोर जोशी, जिला अध्यक्ष बागेश्वर विक्रम सिंह पिलख्वाल, प्रताप कबडोला, मीना वर्मा, जगदीश भंडारी, इंद्रपाल, प्रकाश जोशी, प्रेम सिंह नंदन सिंह रावत, चंद्रशेखर कांडपाल, राजेंद्र सिंह बहुगुणा, चरण सिंह, भुवन भट्ट, रमेश रावत आदि मौजूद थे।
सरकार व शिक्षा विभाग की रही गलती
विशिष्ट बीटीसी बीपीएड, डीपीएड, सीपीएड एवं मृत आश्रित संगठन के संयोजक नरेंद्र मैठानी ने कहा कि 10 से 15 साल तक स्कूलों में पढ़ाने के बाद अब शिक्षकों को अपात्र घोषित कर डीएलएड प्रशिक्षण के लिए शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किए हैं।
इससे शिक्षक मानसिक रूप से तनाव में है। सरकार की गलती का खामियाजा आज शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। सरकार को चाहिए कि केंद्र के समक्ष शिक्षकों की पैरवी सही ढंग से कर विशिष्ट बीटीसी को मान्यता दिलाई जाए।