स्कूल अधीक्षक/प्रधानाचार्य आराधना त्रिपाठी ने बताया कि गर्मी की छुट्टियों के बाद एक जुलाई को स्कूल खुलने पर अरुण और सन्नी स्कूल नहीं पहुंचे थे। उन्होंने बच्चों के पिता रामाशीष को फोन कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए कहा। रामाशीष ने दोनों बच्चों के आजमगढ़ (यूपी) स्थित अपनी नानी के घर पर होने की बात कही थी, जिसके बाद शुक्रवार सुबह नौ बजे ही दोनों बच्चे स्कूल पहुंचे थे।
काली ड्रेस में निकले बच्चों के पास 30 रुपये
आराधना त्रिपाठी ने बताया कि लापता बच्चे स्कूल के सीसीटीवी में 4:20 बजे छात्रावास से बाहर जाते दिखे हैं। दोनों ने काली ड्रेस और चप्पल पहनी है। स्कूल से अपना कोई सामान भी बच्चे साथ नहीं ले गए हैं और अपनी अलमारी में बच्चों ने ताला लगाया है। अरुण ओर सन्नी के दोस्तों ने बताया कि दोनों के पास 30 रुपये थे। शाम 4:30 बजे दोनों बच्चों को रोडवेज स्टेशन के पास भी देखा गया। इसके आधार पर यहां भी बच्चों की खोजबीन की जा रही है।
पढ़ाई में दोनों भाई अव्वल
आराधना त्रिपाठी ने बताया कि पढ़ने में अरुण और सन्नी अव्वल हैं। सन्नी हमेशा कक्षा में प्रथम आता है और अरुण का परीक्षा परिणाम भी संतोषजनक रहता है। दोनों बच्चों को अपने पूरे परिवार के फोन नंबर भी याद हैं, जिससे बच्चों द्वारा फोन किए जाने की उम्मीद भी जताई जा रही है।