पुलिस ने गांव वालों की मदद से रात में ही दोनों को टार्च और मशाल की मदद से कोसी नदी में खोजने का काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद थानाध्यक्ष रोहिताश सिंह ने एसडीआरएफ को इसकी सूचना दी।
बुधवार को एसडीआरएफ की टीम दोनों छात्रों की खोजबीन के लिए कोसी नदी में पहुंची और दोपहर में दोनों के शव कोसी नदी से निकाल लिए। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। विधायक संजीव आर्य के आग्रह पर डीएम विनोद कुमार नेबेतालघाट में ही दोनों छात्रों का पोस्टमार्टम कराया। पटवारी प्रवीण ह्यांकी, राजेंद्र परगांई, भुवन जोशी ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
नदी किनारे नहीं लगाए गए हैं चेतावनी बोर्ड
बेतालघाट, गरमपानी और रातीघाट में बहने वाली कोसी नदी किनारे एक भी चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं, जबकि कोसी नदी में डूबने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों यह लापरवाही भी लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। जिस स्थान पर यह दोनों छात्र डूबे थे, वहां पर भी कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगा है। लोगों ने विभाग से ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है।