इसमें उन खातों पर फोकस किया गया था, जिसमें उक्त अवधि में करीब दस लाख रुपये तक नगद जमा हुए। कुछ खातों में करोड़ तक भी जमा हुए हैं। परीक्षण के दौरान पता चला है कि जिन खातों में यह राशि जमा हुई है, उसमें ज्वैलर्स, उद्योगपति से लेकर अन्य तरह के लोग शामिल हैं। आयकर विभाग ने संबंधित खाताधारकों को नोटिस दिया गया और जांच के दौरान कई विसंगतियां मिली।
इसके बाद खाताधारकों ने जमा राशि पर 60 प्रतिशत टैक्स, 25 प्रतिशत सरचार्ज और 234- बी और 234-सी के तहत राशि जमा करने को कहा गया है, जो एक भारीभरकम राशि है। बताया जा रहा है कि कुछ खाताधारकों ने आयकर विभाग के नोटिस का जवाब भी नहीं दिया है। अपर आयकर आयुक्त गगन सूद के अनुसार संबंधित प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।