पीड़ित की तहरीर पर 12 दिसंबर को साइबर थाने में अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था। ठगों की धरपकड़ को अपर पुलिस अधीक्षक स्वतंत्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण और सीओ अंकुश शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
डीआईजी अग्रवाल ने बताया कि धोखाधड़ी में प्रयोग मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का अवलोकन किया गया तो साफ हुआ कि रकम दिल्ली में विभिन्न स्थानों से निकाली गई। सीसीटीवी फुटेज से साफ हुआ कि खातों से रकम एक नाईजीरियन और एक अन्य के एटीएम के माध्यम से निकाली गई।
कई दिन की भागदौड़ के बाद नाईजीरियन विक्टर छिदुबेम ओमेलु निवासी युडोजी एंगु स्टेट नाईजीरिया और पूर्वोत्तर भारत के उसके साथी आमाना थैमई निवासी लगजिंग पट्सोई सेनापति को नई दिल्ली के विकासपुरी से गिरफ्तार कर लिया।