हिमाचल की ढली टनल को बेस्ट टनल अवार्ड
कार्यक्रम में हिमाचल के शिमला में बनी 147 मीटर लंबी ढली टनल को बेस्ट टनल का अवार्ड दिया गया। यह देश की पहली ऐसी सुरंग है, जिसके निर्माण में कोई विस्फोट नहीं किया गया है। इसके लिए साईं इटरनल फाउंडेशन को सम्मानित किया गया। इसके अलावा स्पार जियो इंफ्रा को बेस्ट स्लोप स्टैबलाइजेशन अवार्ड से नवाजा गया।
सैटेलाइट इमेज देखकर प्रोजेक्ट की लाइन खींचना घातक
कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों का ये भी कहना था कि कई कंपनियां व अधिकारी सीधे सेटेलाइज इमेज देखकर उसमें एक लाइन खींचकर अपनी भावी योजना बना रहे हैं। धरातल की भूगर्भीय परिस्थितियों से अनजान होते हैं। रेलवे और सड़क के कई ऐसे प्रोजेक्ट बाद में मुश्किलों में पड़े हैं। उनका कहना है कि यह घातक काम है।
वाइब्रेशन मॉनिटर करेंगे तो नहीं होगा गांवों को नुकसान
उत्तराखंड में कई इलाकों में चल रहे सुरंग के प्रोजेक्ट में गांवों में दरारें आने की शिकायतें आम हैं। विशेषज्ञ बीडी पटनी का कहना है कि जहां भी सुरंग निर्माण हो रहा हो, उसके ऊपर गांव में वाइब्रेशन मॉनिटर लगा होना चाहिए। इस मॉनिटर में अगर वाइब्रेशन पांच से ज्यादा हैं, तो तत्काल बारूद की मात्रा कम करनी पड़ती है। अगर इसे नजरअंदाज किया तो नुकसान होना तय है।
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डीपीआर से पहले करें पूरी कसरत
विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल बनने वाले प्रोजेक्ट की डीपीआर बेहद सतही होती है। इस वजह से निर्माण के दौरान हादसे हो रहे हैं। सस्ते व नौसिखिए इंजीनियर, जियोलॉजिस्ट से आननफानन में मिले डाटा के आधार पर बनी डीपीआर दुखदायी होती है। ऐसे तमाम प्रोजेक्ट हैं, जिनकी खामियां सामने आ रही हैं।