तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट बुधवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं। धाम से शीतकालीन गद्दीस्थल मार्केण्डेय मंदिर मक्कूमठ के लिए प्रस्थान करते हुए बाबा की चल विग्रह उत्सव डोली रात्रि प्रवास के लिए अपने पहले पड़ाव चोपता पहुंचेगी। आठ नवंबर को डोली अपने शीतकालीन धाम में छह माह के लिए विराजमान होगी।
इसके बाद सुबह 11.30 बजे तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल छह माह के लिए लिए बंद कर दिए गए। अब भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल मार्केण्डेय मंदिर मक्कूमठ के लिए प्रस्थान कर साढ़े तीन किमी का सफर तय करते हुए पहले पड़ाव चोपता पहुंचेगी।