मुझे लगता है कि यदि पूर्व के सुझावों पर काम नहीं किए गए, तो अभी की बैठकों में जाने का कोई औचित्य नहीं है। इसलिए मैं बैठक में नहीं गई। मैंने बैठक का बायकॉट किया।’ रेखा ने कार्मिक विभाग पर मुख्यमंत्री और उपसमिति के अध्यक्ष को गुमराह करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
बता दें कि सीधी भर्ती के आरक्षण रोस्टर के परीक्षण को लेकर गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की यह दूसरी बैठक थी। पिछली बैठक में उपसमिति के तीनों सदस्यों ने भाग लिया था। लेकिन मंगलवार को हुई बैठक में उपसमिति के अध्यक्ष मदन कौशिक ही मौजूद रहे। उपसमिति के सदस्य कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल भी बैठक में नहीं आए।
बैठक में आज केवल प्रतिनिधि बुलाए गए थे। समिति की सदस्य रेखा आर्य देहरादून में थीं, उन्हें भी फोन करके सूचना दी गई, लेकिन उन्होंने किन्हीं कारणों से बैठक में आने में असमर्थता जताई। उनका कोई मसला होगा तो उस पर चर्चा कर ली जाएगी।
- मदन कौशिक, कैबिनेट मंत्री व अध्यक्ष, मंत्रिमंडलीय उपसमिति