किराये पर रहने वाले श्रमिक, मजूदर और छात्रों से मकान मालिक एक माह का किराया नहीं ले सकेंगे। मकान मालिकों को लॉकडाउन तक उनको मुफ्त ठहराना होगा। किसी से मकान भी खाली नहीं करवाया जाएगा। अगर कोई मकान मालिक ऐसा करता है तो उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई होगी।
सुबह सात से दोपहर एक बजे तक खुलेंगे बाजार
प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन में छह घंटे की ढील देने का फैसला बरकरार रखा है। सरकार ने सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए जनता को घर से बाहर निकलने की अनुमति जारी रखी है। लेकिन इस दौरान चौपहिया वाहन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे।
केंद्र की गाइडलाइन
- अंतरराज्यीय सीमा पर आवागमन प्रतिबंधित।
- एक जिले से दूसरे जिले में नहीं जा सकेंगे लोग।
- केवल आवश्यक वस्तुओं के वाहन ही चलेंगे।
- जो व्यक्ति जहां है, वहीं उसके रहने और ठहरने की व्यवस्था होगी।
- लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों के वेतन में कटौती नहीं की जा सकेगी।
- दुकानों, होटलों, अन्य प्रतिष्ठानों में काम करने वालों को देनी होगी पगार।
दूसरे राज्यों या शहरों से जिले में प्रवेेश कर चुके लोगों को क्वारंटीन करने की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। केंद्र ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी को 14 दिन होम क्वारंटीन कर पूरी निगरानी में रखा जाए।
केंद्रीय गृहमंत्रालय ने कोरोना की रोकथाम के लिए लॉकडाउन का सख्ती से अनुपालन करने की गाइडलाइन जारी की है। प्रदेश सरकार ने 31 मार्च को अतंरजनपदीय यातायात संचालित करने के लिए 13 घंटे की जो राहत देने का फैसला लिया था, उसे वापस ले लिया गया है। केंद्र का फैसला जनहित में है। अगर जनता को कई तकलीफ हुई हो तो उसके लिए क्षमा चाहता हूं।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री