शनिवार को बदरीनाथ में हुए हेलीकॉप्टर क्रेश में जहां एक इंजीनियर की दर्दनाक मौत हो गई वहीं पायलट भी गंभीर रूप से घायल हो गए। लेकिन इस हादसे की जो असली वजह सामने आयी है वह आपको भी चौंका देगी।
तीर्थयात्रियों को लेकर हरिद्वार जा रहा एक हेलीकॉप्टर हेलीपैड से करीब सौ मीटर ऊंची उड़ान भरने के बाद अनियंत्रित होकर जमीन से टकरा गया और क्षतिग्रस्त हो गया।
इसके ब्लेड से कटकर इंजीनियर मौत हो गई, जबकि दो पायलट और पांच तीर्थयात्री बाल-बाल बच गए। सभी तीर्थयात्रियों को पुलिस प्रशासन ने गंतव्य के रवाना किया। ये यात्री हेलीकॉप्टर से बदरीनाथ धाम के दर्शन करने के बाद हरिद्वार लौट रहे थे।
शुक्रवार को केदारनाथ के दर्शन कर बड़ोदरा (गुजरात) के एक ही परिवार के पांच तीर्थयात्री केस्टल एविएशन कंपनी के हेलीकॉप्टर से शाम को बदरीनाथ पहुंचे थे। शनिवार सुबह सवा सात बजे तीर्थयात्री भगवान बदरीनाथ के दर्शन करने के बाद डेढ़ किमी दूर हेलीपैड पहुंचे।
इसकी जो वजह सामने आयी है वह हवा का दबाव कम होना। हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी और जैसे ही हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के बाद सौ मीटर ऊपर उठा, हवा का दबाव कम होने के कारण वह जमीन पर तिरछा होकर गिर पड़ा।
इंजीनियर के हुए टुकड़े
helicopter crash
- फोटो : amarujala
हादसे के बाद असम निवासी इंजीनियर विक्रम लांबा हेलीकॉप्टर का दरवाजा खोलकर नीचे कूद गए, लेकिन वह तेज गति से चल रहे पंखे की चपेट में आ गए और उनके शरीर के कई टुकड़े हो गए।
हेलीकॉप्टर में सवार तीर्थयात्री जशोदा बेन पत्नी नवीन भाई पटेल, नवीन भाई पटेल पुत्र जस भाई, लीला बेन पत्नी हरीश भाई, हरीश भाई पुत्र बेचर भाई और रमेश भाई पुत्र अरविंद भाई पटेल (सभी बड़ोदरा, गुजरात निवासी) के साथ ही पायलट संजय वसी पुत्र श्रीधर वसी, निवासी 227/1 कस्बा पैठ, पुणे महाराष्ट्र) तथा सह पायलट अल्का शुक्ला, 482 पटेल नगर कानपुर यूपी हेलीकॉप्टर में ही बैठे रहे।
जब हेलीकॉप्टर के इंजन ने काम करना बंद कर दिया और पंखे रुक गए, तब मौके पर पुलिस टीम व स्थानीय लोग पहुंचे। हेलीकॉप्टर में बैठे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
तीर्थयात्रियों को वाहन से बदरीनाथ लाया गया और आधा घंटे बाद वाहन से हरिद्वार भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने बताया कि उड़ान के लिए हवा का दबाव कम होने के कारण हेलीकॉप्टर हादसा हुआ। सभी तीर्थयात्री सुरक्षित हैं। मृतक इंजीनियर के परिजनों को सूचना दे दी गई है।