चितई स्थित प्रसिद्ध गोलज्यू मंदिर
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चितई स्थित प्रसिद्ध गोलज्यू मंदिर में मंदिर प्रबंधन समिति (ट्रस्ट) का गठन कर दिया गया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद आखिरकार शनिवार को समिति का पंजीकरण कर दिया गया। जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ट्रस्ट के अध्यक्ष बनाए गए हैं, जबकि एसडीएम सीमा विश्वकर्मा उपाध्यक्ष बनाया गया है। समिति सदस्य भी मनोनीत कर दिए गए हैं। समिति में मुख्य कोषाधिकारी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, प्रबंधक चितई मंदिर समिति, पुजारी प्रतिनिधि सदस्य और एक विशेष आमंत्रित प्रबंधन समिति के सदस्य होंगे।
2017-18 में अधिवक्ता दीपक रुबाली ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि चितई के गोलज्यू मंदिर में हर साल लाखों का चढ़ावा होता है, लेकिन इसे मंदिर के कुछ पुजारियों के परिवार अपना समझते हैं और इसका कोई रिकॉर्ड आदि नहीं रखा जाता। बाद में दिल्ली हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले चितई निवासी अधिवक्ता विनायक पंत ने भी इस मामले में नैनीताल हाईकोर्ट में हस्तक्षेप प्रार्थनापत्र देकर गोलज्यू की ओर से पैरवी करने का आग्रह किया और उन्होंने भी प्रबंधन समिति बनाने की मांग की।
बीते चार मार्च को मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने मामले में अंतिम सुनवाई करते हुए सरकार को भी पक्षकार बनाया और जिलाधिकारी से रिपोर्ट मंगवाकर इस मामले में दो माह के भीतर निर्णय लेने को कहा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शासन ने चितई के गोलज्यू मंदिर में जागेश्वर धाम की तर्ज पर मंदिर प्रबंधन समिति (ट्रस्ट) बनाने के आदेश दिए। अब मंदिर प्रबंधन समिति ट्रस्ट का गठन कर दिया गया है।
मंदिर समिति की नवनियक्त उपाध्यक्ष एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने बताया कि शासन से आदेश मिलने के बाद शनिवार को ट्रस्ट का गठन कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश और डीएम नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशानुसार चितई गोलज्यू देवता मंदिर प्रबंधन समिति का शनिवार को विधिवत पंजीकरण कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि चितई गोलज्यू मंदिर समिति के लिए एक पुजारी को पुजारी प्रतिनिधि के रूप में चयनित करने के लिए छह जुलाई को चितई में पुजारियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया जाएगा।