बुधवार को देहरादून में उत्तराखंड के पहले महिला सहकारी बैंक का उद्घाटन हो गया है। वहीं सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हर जिले के सभी ब्लॉक में सहकारी महिला बैंक खोले जाएंगे। उत्तराखंड में खेती को लाभ का सौदा बनाएंगे। इसके लिए परंपरागत सोच व ढांचे से हटकर काम किया जाएगा। सहकारी खेती और कारपोरेट खेती (कांट्रेक्ट फार्मिंग मॉडल) को अपनाकर खेती बाड़ी को संकट से उबारेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के दूसरे हिस्सों की तरह उत्तराखंड में भी खेती नुकसान वाला धंधा होता जा रहा है। विशेषकर पहाड़ में छोटी जोत होने की वजह से हालात भयानक होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जमीन को खाली छोड़ना पर्यावरण के लिहाज से भी नुकसानदायक है।
हमारे पूर्वजों ने दूरदर्शिता व तकनीकी कौशल से पर्वतीय क्षेत्रों में खेती बाड़ी की, लेकिन आज हालात भयावह हो चुके हैं। सीएम ने प्रदेश के कई जिलों में घटते लिंग अनुपात पर गहरी चिंता जताई। इस मौके पर सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि जल्द ही किसानों को दो फीसदी दर पर ऋण दिया जाएगा।
महिलाएं ही सर्वे सर्वा
शिक्षा लोन आठ फीसदी ब्याज दर पर देंगे। मेयर व विधायक विनोद चमोली ने कहा कि महिला बैंक को वित्तीय शक्ति देने के लिए वह नगर निगम के स्तर पर पहल करेंगे। डीसीबी अध्यक्ष डा. केएस राणा ने बैंक की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया।
इस मौके पर सहकारिता सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, राज्य सहकारी बैंक अध्यक्ष दान सिंह रावत, सहकारी समितियों के निबंधक बीएम मिश्रा, यू खान, नीलम सहगल, सुनील उनियाल गामा, राजेश शर्मा, एससी भटनागर, राम सिंह मौर्या आदि मौजूद थे।
महिलाएं ही सर्वे सर्वा
बंजारावाला डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव महिला बैंक में सभी कर्मचारी महिलाएं हैं। हालांकि बैंक में पुरुष भी खाता खुलवा सकते हैं। बैंक प्रभारी मंजू कठैत का कहना है कि हम बैंकिग क्षेत्र में नव क्रांति के लिए संकल्पबद्ध हैं।