उन्होंने कहा कि सरकार गठन के बाद पहले वर्ष एक हजार डॉक्टरों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा गया था, जिसके सापेक्ष 1140 डॉक्टरों की नियुक्ति की जा चुकी है। सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए सरकार टेली मेडिसिन, टेली रेडियोलॉजी एवं डिजिटल पैथोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम ‘प्रेस फॉर प्रोग्रेस’ है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाल लिंगानुपात में बेटियों की संख्या में 2011 की जनगणना के बाद वृद्धि तो हुई है, लेकिन इसको संतुलित करने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरुकता जरूरी है। 2011 में उत्तराखंड में बाल लिंगानुपात 890 था, जो अब 934 तक पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि 2020 तक बाल लिंगानुपात को 950 से अधिक पहुंचाना होगा। अगर महिला मजबूत होगी तो समाज को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सा चयन बोर्ड के अध्यक्ष डीएस रावत ने बताया कि वर्तमान में चालू भर्ती प्रक्रिया में 481 चिकित्सकों का चयन और हुआ है, जिसमें से 193 महिला चिकित्सक तथा 86 विशेषज्ञ डॉक्टर सम्मिलित हैं।
महानिदेशक चिकित्सा ने बताया कि चिकित्सा विभाग में 440 महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों के रिक्त पदों के सापेक्ष 293 पदों पर चयन कर लिया गया है तथा 380 पदों पर चयन के लिए विज्ञप्ति जारी कर दी गई है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव नितेश झा, अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत, स्वास्थ्य महानिदेशक श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव उपस्थित थे।