उत्तरकाशी में केदारघाट के पास उत्तराखंड मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सफाई अभियान चलाया। बुधवार की सुबह करीब दस बजे सीएम रावत केदारघाट पहुंचे और अन्य नेताओं के साथ सफाई की। इस दौरान त्रिवेंद्र रावत के साथ प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट भी मौजूद रहे।
वहीं उत्तराखंड सीएम ने कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों की शिकायत हलफनामे पर करें। यदि तथ्य हों तो हलफनामे के साथ नत्थी करें। सरकार किसी सेवानिवृत्त जज से आरोपों की जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेगी। यह जवाब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मृत्युंजय मिश्रा के संबंध में पूछे गए सवाल पर दिया।
मुख्यमंत्री मंगलवार को सरकार के एक माह पूरे होने के मौके पर अपने कैंट रोड स्थित आवास पर मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी ही सरकार ने मृत्युंजय को रजिस्ट्रार के पद से हटाया था।
बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आबकारी को राज्य सरकार राजस्व का जरिया नहीं बनाना चाहती है। प्रदेश में शराब बिक्री को हतोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान में शराब की दुकानों के खुलने की अवधि को घटाकर छह घंटे करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। जल्द ही शराब की दुकानें केवल दोपहर तीन बजे से रात नौ बजे तक ही खुल सकेंगी। इससे मातृशक्ति को कुछ राहत जरूर मिलेगी।
युवा पीढ़ी को शराब के दुष्प्रभाव से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। शराब को कम करने के लिए भविष्य में और भी कई निर्णय लिए जा सकते हैं। सरकार प्रयास कर रही है कि राजस्व की चोरी को रोका जाएगा और प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त भार डाले बिना अन्य स्रोत भी विकसित किए जाएं। सेल्स टैक्स में पिछले केवल तीन दिनों में ही एक करोड़ 31 लाख रुपये की कर चोरी पकड़ी गई है। अवैध शराब में लिप्त लोगों को सजा दिलाए जाने के लिए आवश्यकता होने पर एक्ट में परिवर्तन करने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध खनन को पूरी तरह से रोका जा रहा है। कई क्रशर पर कार्रवाई की गई है। अवैध खनन को रोककर खनन से इस बार 1000 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य रखा जा रहा है। अभी खनन से 285 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व मिल रहा है। एक माह के कार्यकाल के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सरकार के लिए एक माह का समय बहुत कम होता है। फिर भी हमने अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। भ्रष्टाचार पर हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है। हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ ठोस कार्रवाई भी की है। दिसंबर 2017 तक प्रदेश में रहने वाले सभी घरों को ऊर्जाकृत करने का हमारा संकल्प है। वर्ष 2019 तक 100 प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। वर्ष 2022 तक सभी को अपना आवास उपलब्ध करवाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।
व्यवस्थित कार्यसंस्कृति करेंगे विकसित
प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली के बारे मे पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी का काम करने का अपना तरीका होता है। परंतु लक्ष्य एक ही होता है, राज्य का सर्वांगीण, संतुलित, पारदर्शी व भ्रष्टाचारमुक्त विकास। हम धीरे-धीरे परंतु ठोस रूप से व्यवस्था को सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। व्यवस्थित कार्यसंस्कृति विकसित की जा रही है। माह में दो बार कैबिनेट बैठकों का समय निर्धारित करना ऐसा ही एक कदम है। जमीनों की रजिस्ट्री के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जा रही है। चीड़ की पत्तियों के एकत्रण को मनरेगा से जोड़ा जाएगा। अखरोट के पेड़ लगाने को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए चैबटिया व टिहरी में मगरा को मॉडल फॉर्म के तौर पर विकसित किया जाएगा। चारधाम यात्रा की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। प्रत्येक श्रद्धालु सरलता के साथ दर्शन कर सके और अपने साथ अच्छी यादें ले जा सके, इसका पूरा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने तीन तलाक के मुद्दे पर कहा कि यह अमानवीय है। अब तो मुस्लिम धर्मगुरु भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं।