रघुपति राजाराम, पतित पावन सीताराम...महात्मा गांधी के इस भजन के साथ बुधवार को रामपुर तिराहा कांड में शहीद हुए आंदोलनकारियों का नमन किया गया।
कचहरी स्थित शहीद स्मारक में आयोजित शहीद दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सहित अन्य नेताओं और आंदोलनकारियों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्घांजलि अर्पित की।
शहीदों को पुष्प अर्पित कर नमन
सुबह करीब पौने 9 बजे मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने शहीद स्मारक पहुंचकर शहीद आंदोलनकारियों के चित्रों पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्घांजलि दी। उनके साथ कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और विधायक राजकुमार ने भी शहीदों को पुष्प अर्पित कर नमन किया।
इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी, मेयर विनोद चमोली, पूर्व मंत्री खजान दास, हीरा सिंह बिष्ट, आंदोलनकारी नेता रवींद्र जुगरान, सुशीला बलूनी ने भी शहीद स्थल पहुंचकर शहीदों को श्रद्घांजलि दी। वहीं मुख्यमंत्री पुत्र साकेत बहुगुणा ने अपनी पत्नी के साथ शहीद स्थल पहुंचकर शहीदों को नमन किया।
श्रद्घांजलि सभा की आयोजित
उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मंच ने रामपुर तिराहा कांड में शहीद हुए आंदोलनकारियों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्घांजलि देकर सभा आयोजित की। इस दौरान नंदाबल्लभ पांडे, विनोद असवाल, सतेंद्र नौगाईं, सुनील जुयाल, पुष्पा सकलानी, राधा तिवारी, बीर सिंह रावल आदि मौजूद थे।
10 फीसदी आरक्षण की मांग
उत्तराखंड आंदोलन संयुक्त परिषद ने शहीदों को श्रद्घांजलि देने के साथ ही राज्य आंदोलनकारियों को 10 फीसदी की व्यवस्था दोबारा शुरू करने की मांग की। इस अवसर पर परिषद ने चिह्नित आंदोलनकारियों को पेशंन दिए की घोषणा को भी जल्द लागू करने की मांग की। इस दौरान नवनीत गुसाईं, गणेश डंगवाल, विपुण नौटियाल, अभय कुकरेती, सुनील जोशी, जगमोहन रावत, प्रवीन गुसाईं आदि उपस्थित थे।