जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का कार्य शुरू हो गया है। पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में इस बार अनाथ व्यक्तियों का नाम प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी रणवीर सिंह चौहान के अनुसार अनाथ व्यक्तियों का नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने के संबंध में घर-घर जाकर सर्वे करने वाले संगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि यदि कोई बच्चा बचपन से ही अनाथालय में पला हो, 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेने पर निर्वाचक के रूप में नाम शामिल करने के लिए पात्र हो जाता हो और वह अपने पिता या माता का नाम देने की स्थिति में न हो तो पात्र होने पर संगणक की ओर से ऐसे व्यक्तियों से निर्धारित प्रारूप पर दावे भरवा लिए जाएंगे और माता-पिता वाले कालम में उस अनाथालय का नाम दर्ज किया जाएगा।
यदि परिवार में कानूनी तरीके से अनाथ बच्चे को गोद लिया गया हो तो इस मामले में अनाथ बच्चे को गोद लेने वाले माता-पिता के नाम का उल्लेख किया जाएगा। एडीएम टीएस मर्तोलिया ने बताया कि मतदाता सूची को शत प्रतिशत शुद्ध बनाने के लिए संगणकों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कम उम्र के व्यक्तियों अथवा अपात्रों के नाम सूची में दर्ज नहीं हो सकेगे। यदि मतदाता सूची की जांच करने पर पर्यवेक्षकों के सामने ऐसे मामले आते हैं तो उन परिवार के मुखियाओं आदि के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा सकती है।
सक्रिय होने लगे हैं पंचायत चुनावों के दावेदार
जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के पदों के संभावित दावेदार गांवों में सक्रिय होने लगे हैं। शहरों में आवास बनाकर रहने वाले संभावित दावेदार इन दिनों गांवों में चल रहे धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रमों, शादी समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के साथ ही अपनी दावेदारी भी मतदाताओं के सामने रख रहे हैं।
घर-घर जाकर हो रहा है सूची के लिए सर्वेक्षण
पंचायत चुनावों की मतदाता सूची तैयार करने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से जारी पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जा रहा है। संगणक घर घर जाकर निर्धारित प्रारूप में जानकारी जुटा रहे हैं। मतदाता की आयु की अर्हता एक जनवरी 2019 रखी गई है। भारतीय नागरिक जो एक जनवरी को 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के हों, उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज किए जाएंगे।