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Dehradun News: प्रदर्शन... पुलिस से धक्का-मुक्की, आत्मदाह की कोशिश

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I- कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा का सैनिक कल्याण मंत्री आवास कूच के दौरान संघर्षI
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I- पुलिस ने शहर में कई जगह बैरिकेडिंग लगाकर बीच में रोका, कर्मचारियों ने लगाए सरकार विरोधी नारेI

उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने अपनी कई मांगों को लेकर शुक्रवार को परेड ग्राउंड से सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के हाथीबड़कला स्थित आवास कूच किया। पुलिस ने पहले से कई जगह बैरिकेडिंग की थी। बीच में बार-बार रोके जाने से मोर्चा से जुड़े कर्मचारियों में भारी आक्रोश उत्पन्न हो गया और संघर्ष की स्थिति नजर आई। पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई और एक कर्मचारी ने आत्मदाह की कोशिश की।
बैरिकेडिंग लगाकर रोके जाने से कर्मचारी सरकार के विरोध में नारेबाजी कर अपनी मांग रखते रहे। इसी बीच एक कर्मचारी ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश भी की। हालांकि, पुलिस ने उसे ऐसा करने से रोक लिया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत मिलने आए, लेकिन कर्मचारियों ने उन्हें कोई बात किए बिना वापस कर दिया। मोर्चा के इस प्रदर्शन में उत्तराखंड के 13 जिलों से उपनल कर्मचारी शामिल हैं।
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Iकुछ ऐसी बनीं स्थितियांI
उपनल कर्मचारियों ने मंत्री गणेश जोशी के हाथीबड़कला स्थित आवास कूच किया। पुलिस ने तीन जगहों पर बैरिकेडिंग लगा रखी थी। पुलिस की ओर से पहली बैरिकेडिंग कनक चौक से एस्लेहॉल की तरफ, दूसरी सचिवालय चौक और तीसरी सुभाष रोड से ग्लोब चौक जाने वाले मार्ग पर लगाई गई थी। पुलिस ने उन्हें कनक चौक से ऊपर की तरफ मोड़ दिया। कर्मचारियों को लगा था कि उनका जुलूस सुभाष रोड से होकर निकल जा रहा है। लेकिन वहां भी उन्हें बैरिकेडिंग लगी मिली। ऐसे में पुलिस उन्हें शुरुआत में ही रोकने में कामयाब रही। इस पर कर्मचारी वहीं धरने पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों में भी भारी आक्रोश था। रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान कुछ कर्मचारियों को चोट आई और एक कर्मचारी के पैर में फ्रैक्चर भी हो गया। ऐसे में उसे भीड़ से अलग बिठा दिया गया। इसके बाद सभी कर्मचारी सचिवालय चौक पर ही धरने पर बैठ गए और मंत्री गणेश जोशी से मिलने की मांग करने लगे।


Iये मांगें उठाईं I
उपनलकर्मियों ने कहा कि वह लोग 15-18 वर्ष से विभिन्न विभागों में अल्प वेतन पर कार्य कर रहे हैैं, जिनकी उम्र 40 से 45 वर्ष हो चुकी है। उन्हें नियमित करने के बजाय बिना कारण नौकरी से हटाया जा रहा है। जो कर्मचारी कार्य कर रहे हैैं, उन्हें न तो समय पर वेतन दिया जा रहा है और न ही महंगाई के अनुरूप वेतन बढ़ोतरी की जा रही है, जबकि राजकीय कर्मचारियों का वर्ष 2021 से अभी तक 18-22 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ा दिया गया है। सरकार के पास उपनलकर्मियों को समय से वेतन देने व वेतन बढ़ोतरी के लिए पैसा नहीं है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में प्रति सुनवाई 20 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जिस कारण उपनलकर्मियों में रोष व्याप्त है।
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Iपुलिस ने सबको लिया हिरासत मेंI

धरने पर बैठे एक कर्मचारी ने अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया और आत्मदाह करने की कोशिश की। उसे रोकने के बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद सभी उपनलकर्मचारियों को हिरासत में लेकर एकता विहार भिजवाया गया।
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