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Dehradun News: डॉक्टरों ने वृद्धा के गले से निकाला छह सेमी लंबा-चौड़ा ट्यूमर

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I- 61 वर्षीय बुजुर्ग को दो-तीन महीने से खाना निगलने में हो रही थी दिक्कत
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I- दून अस्पताल के डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन कर बताया, ऐसे ट्यूमर की संभावना 0.5 फीसदीI



दून अस्पताल के ईएनटी विभाग के डॉक्टरों ने 61 वर्षीय वृद्धा के गले से छह सेमी लंबा, छह सेमी चौड़ा और पांच सेमी गहरा ट्यूमर निकाला है। वृद्धा को दो-तीन महीने से खाना निगलने में दिक्कत हो रही थी। डॉक्टरों ने बताया ऐसे ट्यूमर की संभावना 0.5 फीसदी है।



दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ईएनटी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विकास सिकरवार ने बताया कि 61 वर्षीय दून निवासी महिला को खाना निगलने में दिक्कत के साथ गले में दर्द रहता था। महिला दून अस्पताल के ईएनटी विभाग में जांच करवाने पंहुची तो पता चला कि महिला के गले के भीतरी हिस्से में बड़ा ट्यूमर है। इसके बाद मरीज की एमआरआई जांच व अन्य जांचें की गईं। इनमें पता चला कि गले के भीतरी हिस्से में यह ट्यूमर बहुत ही जटिल है और इस ट्यूमर का ऑपरेशन आसान नहीं है। आपरेशन चार घंटे चला और सफलता पूर्वक ट्यूमर निकाला गया। इस ऑपरेशन में डॉ. विकास सिकरवार, डॉ. प्रियंका, डॉ. मोनिका, डॉ. अनुराग, एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. शोभा, डॉ. दीपिका, सिस्टर नैना और लक्ष्मी शामिल थीं।
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Iखाने और बोलने में हो सकती थी समस्याI



डॉ. विकास ने बताया कि गले के अंदर जहां पर यह ट्यूमर था उस जटिल भाग को पैराफेरीन्गियल स्पेस कहते हैं। दिमाग को खून पहुंचाने वाली नलियां भी यहीं से जाती हैं। इसके अलावा खाने और बोलने में मदद करने वाली नसों का कार्य भी यहीं से होता है। यह ट्यूमर गर्दन की मुख्य तंत्रिका और रक्तवाहिकाओं से चिपका हुआ था। रक्त वाहिकाएं और तंत्रिकाएं ट्यूमर से चिपकी हुई थीं जिससे आपरेशन के समय नुकसान हो सकता था जोकि जानलेवा भी है। सभी सतर्कताएं बरतते हुए डाक्टरों की टीम ने ऑपरेशन किया। इस ऑपरेशन में दूरबीन का भी इस्तेमाल किया गया।
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